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संकल्प से सिद्धी में युवा समाजसेवियों ने लिया संकल्प

रविवार को स्थानीय एक्सीलेंस स्कूल में बीएसडब्लू के छात्र, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक के बीच संकल्प से सिद्धी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें गरीबी, गंदगी, जातिवाद, आतंकवाद, सम्प्रदायिकता एवं भ्रष्टाचार से मुक्ति का आव्हान विचारगोष्ठी कार्यषाला का आयोजन किया गया। हर विषय पर अलग अलग वक्ताओं ने अपने विचार रखकर उससे मुक्ति के बारे में बताया। कार्यक्रम की आयोजक मध्यप्रदेष जन अभियान परिषद की ब्लाक समन्वयक पुष्पासिंह ने परिषद द्वारा संचालित बीएसडब्लू एवं गांव में कार्य कर रही समितियों के बारे में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

डाइट व्याख्याता मनोज जैन ने गरीबी के संबंध में अपने विचार रखते हुए कहा कि वास्तव में जो राषि हमें गरीब की दहलीज पर पहंुचाना चाहिए वह अमीरों की तिजोरी में जमा हो रही है। यदि हम प्रतिदिन मंहगे डाटा उपयोग कर रहे है, अनावष्यक डीजल पेट्रोल में खर्च कर रहे। अनावष्यक बिजली एवं लिविंग स्टेण्डर में खर्च कर रहे है उस पैसा से देष के बड़े बडे उद्योगपतियों की तिजारी भर रही है। जब सरकार गरीबों के हित में योजना बनाती है तो उसका लाभ लेने के लिए कई बड़े आदमी अपना नाम गरीबी में दर्ज करा लेते है और वास्तविक गरीब का हक छीन लेते है। देखा जाये तो ये बड़े आदमी सबसे ज्यादा गरीब है। गरीब परिवार को ऊंचा उठाने के लिए सकारात्मक मानसिकता की आवष्यकता है।

गरीब का हक न छीने तो यह सबसे बड़ा उपकार होगा। वरिष्ठ विचारक पत्रकार डा. विजय बजाज ने भ्रष्टाचार विषय पर बोलते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की वास्तविक जड़ क्या है इसे पहचानना होगा। आज चौकीदार से लेकर जनप्रतिनिधियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे है। जनता अपने नेता को जब तक शराब, पायल, बिछिया, कंबल और नगद नोट लेकर अपना नेता चुनेगी तो ऐसे में भ्रष्टाचार बंद होना संभव नहीं दिखता है।

भ्रष्टाचार मुक्त देष के लिए भ्रष्टाचार मुक्त समाज की आवष्यकता है। समाजसेवी गंगाराम पटैल ने गंदगी के संबंध में बोलते हुए कहा कि सरकार के द्वारा बनाये जा रहे शौचालय जब स्टोररूम का कार्य करके तो ऐसे में कैसे गंदगी से निजात मिल सकता है। उन्होने अपने गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे गांव में 400 घर है लेकिन शौचालय का उपयोग मात्र 10 परिवारों द्वारा किया जा रहा है। सरकार कार्य करती है लेकिन जनता उसमें सहयोग नहीं दे रही है। जबकि सभी को पता की गंदगी के कारण किस प्रकार बीमारिया फैलती है।

समाजसेवी ही इस दिषा में कुछ कर सकते है। गायत्री परिवार से जुड़े सुरेन्द्र अग्रवाल ने जातिवाद पर बोलते हुए कहा कि जातिवाद व्यवस्था को कमजोर कर रही है। हमारे जनप्रतिनिधि एवं पार्टीयों के टिकिट, पद भी जातिवाद पर सिमट रहा है। जातिवाद सिर्फ चुनाव को ही नहीं वरन पूरे देष की कार्यप्रणाली के लिए घातक है। जातिवाद हर हाल में बंद होना चहिए। अधिवक्ता अभिताप चतुर्वेदी ने आतंकवाद को विष्व की समस्या बताते हुए कहा कि जब तक देष के युवा को राष्ट्र की मुख्यधारा से नहीं जोड़ा जाता उन्हे पर्याप्त रोजगार, उचित सम्मान, हाथों को कार्य नही मिलता तो देष में आतंकवाद और नक्सलवाद पनपता रहेगा। भटके युवाओं को देष की मुख्यधारा से जोड़ने की आवष्यकता है।

समाजसेवी पं. हरिराम पांडे ने साम्प्रदायिकता पर बोलते हुए कहा कि आज लोग अपने स्वार्थ के लिए भाई भाई को लड़ा रहे है। धर्म की कट्टरता के नाम पर राजनीति करने का प्रयास करते है। देष के संविधान की गरिमा को गिराने से नहीं चूक रहे है। जबकि भारत वह देष है जहां हर जाति, धर्म को सम्मान दिया जाता है। देष, धर्म, संविधान के आगे स्वार्थ कही नही टिकता है। इस अवसर पर एक्सीलेंस स्कूल प्राचार्य राघवेन्द्र पाठक, सौरभ नेमा, सोमित नामदेव ने भी अपने विचार रखे आभार मेंटर्स रत्नेष खटीक ने व्यक्त किया कार्यक्रम का संचालन मेंटर्स सुनील सेन ने किया।



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