महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर "/>

विश्वविद्यालय में काव्य संध्या आयोजित

महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि छतरपुर रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक के.सी. जैन उपस्थित थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कलेक्टर रमेश भण्डारी एवं महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजय तिवारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो. प्रियव्रत शुक्ल ने की। सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सरस्वती वंदना कु. पूजा द्विवेदी, रोहिणी यादव एवं पूनम श्रीवास्तव ने प्रस्तुत की।

काव्य संध्या में वरिष्ठ साहित्यकार कवि सुरेन्द्र शर्मा ’शिरीष’ ने मां वीणापाणि के चरणों में वंदना की। कवि श्रीप्रकाश पटेरिया ’हृदयेश’ द्वारा रचित महाकाव्य रामानुज का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। अभिराम पाठक ने अपनी रचना में कहा, बोलो कब तक बच पाओगे अर्जुन की ललकारों से। वीरेन्द्र खरे ’अकेला’ ने अपनी रचना में कहा कि सूर्य के भी पार जाना चाहता हूं। सुरेन्द्र शर्मा ’सुमन’ ने भद्रजन जो कर रहे वह आचरण अच्छा नहीं है, कविता पाठ किया। युवा कवियित्री नम्रता जैन ने अपनी रचना में कहा ’’आई हूं तुम्हारे द्वार आस का जला के दीप, कंठ में विराज स्वर शब्द ज्ञान दे दो मॉँ। शायर मौलाना हारून’अना’ ने अपने शेर में कहा कम लोग हैं जो सच्ची इबादत में लगे हैं।

युवा कवि देवेन्द्र ने अपनी कविता में कहा-ढूँढते हैं राम को, राम का निवास कहाँ। काव्य संध्या के क्रम में कवि प्रवीण गुप्त ने अपने गीत में कहा-जीवन पथ को जितना मैंने समझा सरल उतना नहीं है। कवियित्री प्रभा विधु ने काव्यपाठ में कहा ’’औरों के चिरागों को कभी न बुझाइये, सूरज न सही जुगनू बनके जगमगाइये। वरिष्ठ कवि सुरेन्द्र शर्मा ’शिरीष’ ने कहा ’’ पक्षी रहते संग चमन को नहीं बांटते’’। काव्य संध्या का संचालन कर रहे कवि संजय खरे ने अपने व्यंग्य के माध्यम से वर्तमान परिवेश पर तीखा प्रहार किया। कार्यक्रम में भोपाल से आए कवि शंकर दीक्षित ने अपनी रचना में कहा ’’आसमां कम है मेरी लाश के कफन के लिये, ये ज़मीं कम है मेरी लाश के दफन के लिये’’। अंत में रचना की श्रीप्रकाश पटेरिया ’’हृदयेश’’ जो नफरत मर चुकी है हम उसे जिंदा नहीं करते, कभी भूले से हम दुश्मन की निंदा नहीं करते।

इसके बाद कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा आमंत्रित सभी कवियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी शासकीय महाराजा महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, एनवायरमेंट एण्ड सोशल वेल्फेयर सोसायटी छतरपुर, द चेंज संस्था छतरपुर के सदस्य सहित शहर के वरिष्ठ गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्षन डॉ. अश्वनी कुमार दुबे ने किया।



चर्चित खबरें