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प्रकृति के साथ विज्ञान सीखना विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

स्वामी विवेकानंद विष्वविद्यालय, सागर में विष्व प्रसिद्ध वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पूर्व निदेषक केन्द्रीय औषधि संस्थान (सीएसआइआर) लखनऊ के डाॅ. प्रदीप श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में बायोनिक्स: लर्निंग साइन्स विद नेचर विषय पर संगोष्ठी दिनाॅंक 11/08/17 को देवी भवन के सेमीनार हाॅल में आयोजित की गई। जिसमें डाॅ. श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकृति के माध्यम से सीखकर हम नवीनतम उपकरण ही नहीं बना सकते वरन् जीवन की सभी समस्याओं का निदान पा सकते हैं।

जैसे प्रकृति से सीखकर 300 किलोमीटर स्पीड से चलने वाली बुलेट ट्रेन के डिजाइन में अभूतपूर्व सुधार किंगफिषर नामक पक्षी की चोंच को माध्यम बनाकर किया गया। ऐसे ही गोह, छिपकली, कोणार्क मंदिर में लगी घड़ियाॅं आदि को उदाहरणस्वरूप लेकर विज्ञान की नवीन विधाओं का अविष्कार किया गया।

इसके साथ ही डाॅ. श्रीवास्तव को विज्ञान की नई विधा साइंसटून (विज्ञान को कार्टून के माध्यम से समझाना) के अविष्कार का श्रेय जाता है डाॅ. श्रीवास्तव ने विष्व के 180 देषों में 1150 आमंत्रित व्याख्यान दिये हैं। दीप प्रज्जवलन के बाद स्वागत भाषण कुलपति डाॅ. एन. थापक के द्वारा दिया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलाधिपति डाॅ. अजय तिवारी ने कहा कि हमें अपनी प्राचीन सभ्यता को नहीं भूलना चाहिये।

यह कार्यक्रम रिसर्च एण्ड डेव्हलपमेंट सेल के तत्वाधान में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर निदेषक डाॅ. रोहित मिश्रा, अध्यक्ष डाॅ. अनामिका पाठक, कुमार पंकज पांडे, डाॅ. पाटिल, डाॅ. पी.सी.दीवान, डाॅ. मनीष मिश्रा, डाॅ. बी. व्ही. तिवारी, डाॅ. सचिन तिवारी के साथ सभी अधिष्ठाता, प्राध्यापक तथा छात्र-छात्राओं ने इस संगोष्ठी से ज्ञान अर्जन किया। मंच संचालन डाॅ. ममता सिंह द्वारा किया गया और शांति मंत्र के साथ सभा का समापन किया गया। अंत में आभार ज्ञापन डाॅ. आषुतोष शर्मा ने किया।



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