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केन्द्र तथा राज्य सरकार की नीतियों एवं योजनाओं की दी गयी जानकारी

विकासखण्ड मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले पं0 दीनदयाल उपाध्याय जन्मषती के तीन दिवसीय आयोजनों की श्रृंखला में आज विकास खण्ड परिसर, बिरधा में आज दूसरे दिन अन्त्योदय मेला एवं प्रदर्षनी आयोजित की गई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि उप किसान इण्टर काॅलेज के प्रधानाचार्य आर0के0 शर्मा तथा ए0डी0ओ0 पंचायत  अनिरूद्ध पाण्डेय ने दीप प्रज्जवलित कर तथा मां सरस्वती एवं पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्रों पर माल्यार्पण किया।

इसके पश्चात लोक सागर सोसायटी के कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना तथा उपस्थित अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। किसान इण्टर काॅलेज के प्रधानाचार्य आर.के. शर्मा द्वारा पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने जनसामान्य को संदेश देते हुए केन्द्र तथा राज्य सरकार की नीतियों एवं योजनाओं से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि व्यक्ति योजनाओं से जुड़कर एवं योजनाओं में सहयोग प्रदान कर स्वयं का एवं समाज का विकास कर सकता है। लोक सागर सोसायटी के कलाकारों द्वारा शौचालय निर्माण की उपयोगिता को समझाते हुए एक गीत प्रस्तुत किया, जिसके बोल ‘‘घर में शौचालय बनवालो भैया मानो मेरी बात’’ थे। महिला एवं बाल विकास परियोजना, बिरधा की सुखवती एवं विमला द्वारा आंगनबाड़ी पर आधारित गीत प्रस्तुत किया गया। बुन्देलखण्ड सांस्कृतिक मंच के कलाकारों द्वारा भी स्वचछ भारत अभियान के तहत शौचालय बनवाने के लिए एक लोकगीत प्रस्तुत किया गया।

पूर्व बिरधा प्रधान सुरेश टोंटे द्वारा पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्मशताब्दी के अवसर पर एकात्मवाद के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि समाज के आखिरी व्यक्ति को मिलने वाला लाभ एकात्मवाद की परिभाषा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर उपस्थित अत्यन्त पिछड़े हुए व्यक्ति का विकास इस कार्यक्रम के माध्यम से सुनिश्चित करना है।

उन्होंने अपने वक्तव्य में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय बनवाने के लिए जनसामान्य को प्रेरित किया। उन्होंने बिरधा ब्लाॅक के लोगों को बताया कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रदर्शनी का उद्देश्य समाज के पिछड़े व्यक्तियों के विकास सम्बंधी योजनाओं का क्रियान्वयन करना है। बुन्देलखण्ड सांस्कृतिक मंच के कलाकारों द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के तहत विद्यालय जाने के लिए जनसामान्य को प्रेरित करने हेतु एक नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुती दी गई।

महिला बाल विकास परियोजना, बिरधा की किशोरी आयुषी द्वारा सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसके लिए झांसी से आये आॅडिटर जी0पी0 सिंह, ए0के0 बाजपेयी तथा सी0डी0पी0ओ0 नरेन्द्र सिंह, लेखाकार घनश्याम दास वर्मा द्वारा सामूहिक रूप से पुरस्कृत किया गया। महिला बाल विकास परियोजना बिरधा की महिलाओं एवं उनकी किशोरियों द्वारा शौचालय निर्माण पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया।

सी0डी0पी0ओ0 बिरधा नरेन्द्र सिंह द्वारा पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनके उद्देश्यों के बारे में बताया गया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया गया।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यों की सराहना की। बेसिक शिक्षा के शिक्षक संघ बिरधा के महामंत्री विजय रजक द्वारा बताया गया कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्मशताब्दी का उद्देश्य शासन द्वारा चलायी जा रही अनेक योजनाओं से जनसामान्य को अवगत कराना है। यह भी बताया गया कि शिक्षा व्यक्ति के विकास के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण कारक है। शिक्षा के द्वारा व्यक्ति अपने जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान कर सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का विकास तब तक सम्भव नहीं है जब तक कि वह शिक्षित न हो। कार्यशाला का संचालन लोक सागर सोसायटी के शैलेन्द्र सागर द्वारा किया गया।

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