कजली मेले की दूसरी शाम लोक गायिका मालिनी अवस्थी के ना"/>

कजली महोत्सव की दूसरी शाम में मालनी ने मचाई धूम

कजली मेले की दूसरी शाम लोक गायिका मालिनी अवस्थी के नाम रही। सांस्कृतिक मंच में मालनी अवस्थी ने ऐसा समा बांधां कि घर जाते दर्शक भी जस के तस थमने को मजबूर हो गये। लोकगीत सुनने के लिये लोग अपनी जगह पर डटे रहे। बाद में समिति की ओर से सभी कलाकारों को शील्ड व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कीरत सागर तट पर बने सांस्कृतिक मंच में दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत आल्हा गायन के साथ हुई। मुख्य अतिथि सदर विधायक राकेश गोस्वामी व जिलाधिकारी अजय कुमार सिंह ने दीप प्रज्जुलन के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ कराया। इसके बाद वीरभूमि महोबा के छिकहरा निवासी आल्हा सम्राट बंशगोपाल यादव, बच्चा सिंह मवई, राय बरेली उन्नाव की शीलू सिंह सुन दर्शक मंत्र मुग्ध हो गये। इसके बाद शीलू सिंह राजपूत निवासी बरेली के आल्हा गायन सुन उपस्थित लोगों की भुजायें फडक उठी।

इसके बाद पदमश्री मालनी जी अवस्थी द्वारा लोक गीतों का ऐसा समां बांधा जिसे सुनकर उपसिथत लोगों ने जमकर तालियां बजाई। मालिनी सिंह द्वारा सईया मिले लरकईयां, निदिया बैरन पिया को ले जाये रे, माई के भयो लाल, पूछ न मेरा क्या नाम है नदी किनारे मेरा गांव है, हमको मिले से बलम, बलम छोटे से सुनाया जिसे दर्शकों ने जमकर सराहा। सांस्कृतिक मंच में लोगो का भारी हुजूम उमडा रहा।

इसके अलावा महोबा संरक्षण एवं विकास समिति की ओर से भी कलाकारों को शील्ड व प्रशस्ति पत्ऱ देकर सम्मानित किया गया। कजली मेले की दूसरी शाम में कलाकारों ने अलग छाप छोडी। कार्यक्रम में डीएम अजय कुंमार सिह, सदर विधायक राकेश गोंस्वामी के अलावा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से मुख्य गेट पर पुलिस के जवान मुस्तैद दिखे।



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