जिला मुख्याल"/>

बस स्टैन्ड के यात्री प्रतीक्षालय में लग रही दुकाने, यात्रीयों को बैठने के लिए नही है जगह

जिला मुख्यालय पन्ना के बस स्टेण्ड और यात्री प्रतीक्षालय की बदहाली यहां की नगर पालिका परिषद में व्याप्त हद दर्जे की अंधेरगर्दी की तस्वीर को उजागर करती है। कहने के लिए तो यात्री प्रतीक्षालय उन यात्रियों के लिए है जोकि अपने गन्तव्य पर पहुंचने के लिए बसों की प्रतीक्षा में यहां कुछ समय गुजराते है। लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं है। किसी भी तरह से नोट बटोरने के ध्येय को लेकर चल रहे नपा के नुमाइंदो ने यात्री प्रतीक्षालय तक को अघोषित तौर पर फुटपाथी दुकानदारों और गुमटी वालों को बेंच डाला है।

परिणामस्वरूप प्रतीक्षालय के अन्दर यात्रियों को बैठने और अपना सामान रखने तक के लिए जगह नहीं बची है। पिछले दो दशक में पन्ना नगर पालिका परिषद जितने भी अध्यक्ष हुये सभी निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए परिषद की अचल सम्पत्ति को कभी लीज के जरिये तो कभी किसी अन्य प्रक्रिया से बेंचते आये है। मौजूदा समय में जब नगर पालिका परिषद के पास कोई जमीन नहीं बची तो यात्री प्रतीक्षालय को ही अघोषित तौर पर नीलाम कर दिया। स्थिति यह है कि प्रतीक्षालय के अंदर आधा दर्जन गुमटियां (डिब्बे) रखे हुये है वहीं  8 से 10 दुकानें भी लग रहीं है। यात्री प्रतीक्षालय का बारिश के मौसम में हाल यह है कि यात्रियां को वहां पैर रखने तक के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।

प्रतीक्षालय के अंदर दुकानें लगवाने का बस आर्नस एसोसियेशन के विरोध को भी नगर पालिका ने अपने मुनाफे के लिए दरकिनार कर  दिया है। इन परिस्थितियों में बेचारे यात्री कहां जाये यह सवाल अनउत्तरित है। बस स्टैण्ड और यात्री प्रतीक्षालय में व्याप्त अव्यवस्थाये और अराजकता देखने वाले बाहरी लोगों के मन में पन्ना नगर की क्या छवि बन रही होगी कहना मुश्किल पर समझना आसान है।



चर्चित खबरें