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स्कूलों का माध्यान भोजन डकार रहे शिक्षक और समूह

शिक्षक जिसे समाज में सम्मान की नजर से देखा जाता है और राष्ट्र निर्माता का दर्जा दिया जाता है वहीं दूसरी ओर ऐसे भी शिक्षक है जो शिक्षकों की शाख पर बट्टा लगाने का काम कर रहे है। ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय से लगे हुए पन्ना तहसील अन्तर्गत ग्राम पंचायत जनवार के न्यू झालर स्कूल में देखने को मिला। प्राथमिक शाला न्यू झालर में तकरीबन 35 बच्चे हैं और स्कूल में अक्सर 20-22 बच्चे आते है। इस स्कूल में बच्चों को दिया जाने वाला माध्यान भोजन को समूह संचालक और शिक्षक मिलकर डकार रहे है।

पत्रकारो की टीम जब मौके पर पहुची तो यह सत्यता सामने आई। न्यू झालर प्राथमिक शाला में दो शिक्षक एक शिक्षिका पदस्थ है लेकिन उक्त शिक्षिका जो कभी कभार स्कूल आकर अपने रसूख का प्रदर्शन कर चलीं जाती है क्योंकि शिक्षिका मंत्री महदेले की संबंधीजन बताई जाती हैं  इसलिये किसी में हिम्मत नहीं है कि कोई कुछ कह सके।

ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षिका महीना में कभी कभी कभार आतीं है। जब पत्रकारो की टीम पहुची तो उस समय स्कूल में माध्यान भोजन का समय था काफी देर तक इंतजार करने पर जब बच्चों के लिये भोजन नहीं आया तब स्कूल के हेड मास्टर साहब से पूछा तो उन्होंने बताया कि अभी खाना बन रहा है। रसोईया के घर जाकर देखा तो वह भोजन बनाने के लिये चूल्हे में आग जला रही थी। पूछने पर बताया कि हमे ंइतना कम राशन मिलता है कि रोज रोज खाना नहीं बना सकते। इतना सुनते ही स्कूल के दोनो शिक्षक एक दूसरे का मुह ताकते रहे। शिक्षकों से पूछा तो उन्होंने बताया कि माध्यान भोजन की व्यवस्था यहां के अन्नदाता स्वसहायता समूह द्वारा की जाती है इसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है।

जबकि सच्चाई यह है कि बहुत दिनों से स्कूल में माध्यान भोजन नियमित नहीं मिल पा रहा है लेकिन स्कूल के शिक्षकों ने कभी शिकायत नहीं की तथा समूह संचालक और शिक्षक मिलकर बच्चो के हक पर डाका डाल रहे है। स्कूल के शिक्षको को जब लगा कि अब फंस सकते हैं तो उन्होंने दिनांक 04.08.17 को जनशिक्षा केंद्र कुजवन को पत्र लिखा है जिसमें उल्लेख है कि माध्यान भोजन के लिये रसोइया को अन्नदाता स्वसमूह द्वारा पर्याप्त मात्रा में खादयान उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है उचित कार्रवाई करें जबकि स्कूल में भोजन व्यवस्था बहुत पहले से खराब है। अन्नदाता स्वसहायता समूह संचालक का कहना है कि हमें बहुत कम खाद्यान मिलता है तथा स्कूल में पदस्थ शिक्षक को भी दस्तखत करवाई दो सौ रूपये देने पड़ते है।

कुल मिलाकर समूह संचालक और शिक्षक नौनिहालों का निवाला छीन रहे है। यही हाल न्यू झालर में आंगनबाड़ी केंद्र का है आंगनबाड़ी में 14 बच्चे है लेकिन यहां भी बच्चों को खाने के नाम पर रस्म अदायगी की जा रही है। तथा आंगनबाड़ी केंद्र को सहायिका चला रही है पूछने पर बताया कि मैडम तीन महिने में आठ दिनों के लिये आतीं है क्योंकि पन्ना में रहती है। सहायिका के बताये अनुसार आंगनबाड़ी में बच्चों को जो खाना मिलता है वह पर्याप्त मात्रा में नही होता है। क्योंकि समूह द्वारा कम खाना दिया जाता है। अन्नदाता स्वसमूह के संचालक से जब इस बावत् पूछा गया तो उन्होने कहा हमें जो मिलता है हम देते है।



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