जिले के वन मोह"/>

शासकीय राशि में रेजर, डिप्टी रेंजर ने किया व्यापक भृष्टाचार

जिले के वन मोहकमा मे शासन की योजनाओं तथा अन्य कार्यो के लिए आने वाली राशि मे व्यापक भृष्टाचार का खेल चल रहा है। टाईगर रिजर्व तथा अन्य सामान्य वन क्षेत्रो में शासन द्वारा विभिन्न कार्यो के लिए करोडो की राशि भेजी जाती है जिसके तहत ईको विकास समितियो तथा वन समितियो के माध्यम से निर्माण एवं विकास कार्य रेंन्ज आफिसरो तथा वन कर्मियो द्वारा कराया जाता है लेकिन जंगल के अन्दर होने वाले निर्माण कार्यो को कोई देखने नही जाता है। बुन्देलखंड पैकेज, मनरेगा योजना सहित वन विभाग की कैम्पा योजना सहित अनेक योजनाओं के तहत कार्य कराये जाते है तथा उक्त कार्यो का मुल्यांकन भी वन विभाग के रेन्जर द्वारा ही किया जाता है।

जिसमे प्रत्येक वर्ष आने वाली करोडो की राशि कागजो पर ही ठिकाने लगा दी जाती है। तथा फर्जी बिल बाउचर सम्मिट कर दिये जाते है एवं कागजो पर स्कीमें पूर्ण दिखा दी जाती है। इसी प्रकार भृष्टाचार का मामला पन्ना टाईगर रिजर्व अन्तर्गत चन्द्रनगर रेन्ज का प्रकाश में आया है।जहां पर ईको विकास समिति बडेरी मंे निर्माण कार्यो के लिए आई राशि कागजो मंे खर्च करके लाखो का भृष्टाचार किया गया तथा शासकीय राशि को ठिकाने लगाकर फर्जी बिल बाउचरो में खर्चा दर्शाकर राशि हडप कर ली गई मामले की शिकायत होने पर क्षेत्र संचालक विवेक जैन द्वारा रेन्जर चन्द्रनगर देवेन्द्र नायक तथा डिप्टी रेन्जर गौरी शंकर यादव को निलबिंत कर दिया गया है तथा मामले की जाच की जा रही है। इसी प्रकार मडला रेन्ज अन्तर्गत भी व्यापक स्तर पर भृष्टाचार किया गया है लेकिन अभी मडला रेन्जर के खिलाफ कार्यवाही नही हुई है।

उधर पवई रेन्ज में तत्कालीन रेन्जर सुश्री सुचित्रा मेशराम द्वारा भी व्यापक स्तर पर फर्जीवाडा करके शासकीय राशि का गमन किया गया है। जिसके चलते डी एफ ओं द्वारा रेन्जर को निलंबित करते हुए कार्यवाही की गई थी तथा उक्त रेन्जर को वन संरक्षक द्वारा टीकमगढ अटैच किया गया है। फिलहाल मामले की जाच चल रही है। लेकिन यह देखना होगा की वन विभाग अन्तर्गत शासन द्वारा दी जा रही राशि में व्यापक भृष्टाचार चल रहा है यदि सभी रेन्जो मे किये गये कार्यो की जाच करा ली जाए तो करोडो का भृष्टाचार उजागर हो सकता है।



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