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दिग्विजय के साहब हाफिज सईद के खिलाफ कोई सबूत नहीं


पाकिस्तान आतंकवाद के प्रति अपना रूख आज तक स्पष्ट नहीं कर पाया। भारत और पाकिस्तान की आजादी में एक रात का फर्क है। 14 अगस्त को आजाद होने वाला पाकिस्तान आतंक का चौदहवीं का चांद बना हुआ है।

हाफिज सईद के नाम से आखिर कौन परिचित नहीं है। इनका भारत में सबसे बड़ा परिचय यही है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने इन्हें हाफिज सईद साहब कहा था। आजकल अंतर्राष्ट्रीय दबाव में हाफिज सईद नजरबंद हैं। लश्कर का मुखिया इस आतंकी की पाक में 3 महीने की नजरबंदी और बढ़ा दी गई है।

अफसोस इस बात का है कि हाफिज सईद के खिलाफ पाकिस्तान के पास कोई सबूत ही नहीं है। जबकि भारत से लेकर सारी दुनिया इस बात को जानती है कि लश्कर ए तैयबा का मुखिया ये आतंकी आतंकवाद का मास्टर माइंड है। सन् 1990 में पाकिस्तान के कुनार में लश्कर का पहला गुट तैयार हुआ था। हाफिज सईद भारत को बर्बाद कर देने के लिए कश्मीर में आतंकियों को भेजता रहा। वहीं पाक का दोहरा चरित्र बयां करते हुए रक्षा विशेषज्ञ पीके सहगल कहते हैं कि पाकिस्तान की सरकार और आर्मी दोनों ही आतंक को प्रजनन देते हैं। अर्थात आतंक के माई बाप पाक की सरकार व आर्मी ही है।

घुसपैठ को सफल बनाने हेतु पाक आर्मी कवर फायरिंग से लेकर हर प्रकार की सुरक्षा सुविधा आतंकियों को मुहैया कराती है। पीओके में आतंकियों के लाॅन्च पैड बनाए गए। जहाँ पाक सेना आतंकियों की रहनुमा बनी रहती है।

लश्कर के आतंक को धार आईएसआई ने दी। जैसे ही लश्कर तैयार हुआ उसे आईएसआई ने हथियार व फंडिंग देकर भारत में तबाही करने में सह प्रदान करती रही। कश्मीर में आतंक के पीछे पाकिस्तान का बड़ा हाथ है। पाक अपनी हरकतों से बाज नही आ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय दबाव को भी नजरंदाज करके आतंकियों की खेप लगातार बढ़ाता जा रहा है। परंतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्राओं का असर रहा है कि अमेरिका ने पाक को आतंकी राष्ट्र मान लिया है। जिससे चीन पर भी खासा असर पड़ा है। भारत की वर्तमान विदेश नीति व कूटनीति विश्व की सर्वोत्कृष्ट नीति बन चुकी है।

लेकिन अब भी पाकिस्तान परमानेंट सर दर्द बना हुआ है। जिसका इलाज आतंक का खात्मा है। वैश्विक बिरादरी में पाकिस्तान के रिश्ते कमजोर हुए हैं व अन्य राष्ट्र के मुकाबले छवि धूमिल हुई है। शांति की बात बहुत हो चुकी अब कूटनीति व युद्धनीति से भारत को असल सफलता मिलेगी। पाकिस्तान जिसे नजरबंद किए है। उसी के खिलाफ सबूत ना होने की बचकानी बात करता है। कुलमिलाकर अब पाकिस्तान के दिन लद चुके हैं। दिन ब दिन पाकिस्तान कमजोर होता जा रहा है लेकिन भारत के लिए उतना ही बड़ा सरदर्द बनता जा रहा है।

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