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संसद में हमले की साजिश के बाद यूपी विधानसभा में मिला विस्फोटक

कानून व्यवस्था के नाम पर उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा की सरकार को विधानसभा में ही विस्फोटक मिलने पर कानून व्यवस्था ही चुनौती बनी हुई है।
प्रथम विश्व युद्ध में कामर्शियल प्रयोग में आने वाला PETN विस्फोटक विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी की टेबल के नीचे मिला। इसकी कुल मात्रा 150 ग्राम थी। अगर यह 500 ग्राम होता तो सम्पूर्ण विधानसभा उडा देने के लिए पर्याप्त था।

विधानसभा के अंदर विस्फोटक मिलने के बाद बड़े से बड़े नेताओं में भय व्याप्त हो गया है। भाजपा इसे बड़ी साजिश बता रही है। लेकिन विधानसभा के अंदर भी सुरक्षा व्यवस्था नही होना भी एक बड़ा प्रश्न है।

कैबिनेट मिनिस्टर श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पूरे मामले की जांच एनआईए करेगी। इस साजिश का पर्दाफाश जल्द ही किया जायेगा, तो वहीं विपक्ष अपनी ही राजनीति को तूल देते हुए दिखाई पड़ रहा है। कांग्रेस के गुलाम नवी आजाद ने कहा कि इतनी जल्दी किसी भी सरकार को नाकाम होते नहीं देखा। जबकि भाजपाइयों का कहना है कि सपा सरकार के समय से ही विधानसभा के अंदर सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।

इस एक बड़ी साजिश में भी राजनीतिक दल एकजुट न होकर आरोप प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। गौरतलब है कि गुप्तचर एजेंसी के द्वारा सीएम योगी पर आतंकी हमले की जानकारी पहले ही दी चुकी है। उत्तर प्रदेश में लगभग एक दर्जन आतंकी स्लीपर सेल की मदद से छुपे हुए हैं। आजादी के जश्न के दिन यूपी विधानसभा को उड़ाने की धमकी भी मिल चुकी है।

खैर सरकार अब जाग रही है और विधानसभा को संसद की तरह की सुरक्षा देने की बात कही जा रही है। इससे इतर जांच का प्रश्न यह भी है कि किसी विधायक की जेब में गलती से खेल खेल में तो नहीं पहुंचा विस्फोटक। खुलासा होने पर अगर यह सत्य पाया जाता है, तो आपराधिक छवि के दागदार नेताओं को विधानसभा में प्रवेश दिलाने की गलती देश के हर नेता को जानी चाहिए।

प्रदेश में सीएम ही सुरक्षित नही रह गए तो आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन ले सकता है? कुलमिलाकर के ये खुलासा एक बड़े षडयंत्र की ओर इशारा करता है। जिसची निष्पक्ष जांच ही सही खुलासा कर सकती है।

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