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बेकार गया गरीब महिला का अनशन

कालोनी के नाम पर इंगोहटा के प्रधान व सचिव के दलालों द्वारा ठगी गई। गरीब महिला ने कालोनी के बास्ते जिला प्रशासन का ध्यान खींचने के लिये चार दिन अनशन भी किया। फिर भी न तो उसके 15 हजार रूपयें वापस किये गये और न ही कालोनी उपलब्ध कराई गई। हताश निराश महिला अब मुख्यमंत्री दरबार मे अर्जी लगाने की सोच रही है। ऊषा पत्नी टिर्रा  सोनकर ने बताया कि उससे कालोनी के नाम पर प्रधान व सचिव के दलालों द्वारा 15 हजार रूपयें किये गये थे।

पहले उसका नाम आवास पाने वालों की सूची मे था। मात्र 10 हजार रूपया और न देने के कारण उसका नाम सूची से बाहर कर दिया गया। उसने देवी चरण का 10 हजार व गंगाचरण को दिये 5 हजार रूपयें भी मांगे तो नही दिये गये। तब उसने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की कोई गौर न किये जाने पर उसने 30 जून से 4 जुलाई तक अनशन किया। तो सीडीओ व वीडीओ ने यह कह कर तुडवा दिया कि उसके साथ इंसाफ होगा। उसे कालोनी मिल जायेगी।

मगर 10 दिन बीत जाने के बाद भी उसके यहां कोई झांकने तक नही आया नही उससे ठगे गये रूपयें भी वापस दिलाये गये। उसने बताया कि प्रधान सचिव के दलाल कालोनी न मिलने तथा अनशन के बाद भी कालोनी न मिलने से खुश है। गरीब महिला होने के कारण वह कुछ नही कर सकती इसका लाभ दलाल उठा रहे है। कच्चे मकान को पक्का दिखा कर कालोनी मे बाधक बने हुये है। फिर भ्ज्ञी जिला प्रशासन गरीब की फरियाद नही सुन रहा है।

परेशानी गरीब महिला ने बताया कि यदि कोई सहारा मिल गया तो अब मुख्यमंत्री दरवार मे जाकर कालोनी ने नाम हो रही धन उगाही की शिकायत की जायेगी या फिर दुबारा अनशन किया जायेगा। उधर कालोनी के नाम पर इंगोहटा मे हो रही धन की उगाही का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के लोग इसलिये और परेशान है। कि वहा सरेआम गलत काम हो रहा है। जिला प्रशासन फिर भी कुछ नही कर रहा है। दलालों के हौशले बुलन्द है। एक ही परिवार मे दो दो लोगो को कालोनी दी जा रही है। जो कच्चें मकान खण्डहार मे रहने वाले है। उनकी घोर उपेक्षा की जा रही है। आवास नही दिये जा रहे है।



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