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जिले के नौ डाक्टरो के स्थानांतरण

मध्य प्रदेश शासन स्वास्थ विभाग द्वारा एक साथ पन्ना जिले से नौ डाक्टरो के स्थानांतरण कर दिये गयें जिससे जिला चिकित्सालय में अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया है तथा स्वास्थ सुविधाए बदहाल होने से कोई नही बचा सकता पूर्व से ही जिला चिकित्सालय तथा जिले के स्वास्थ केन्द्र डांक्टरो की कमी से जूझ रहे थे लेकिन अब अचानक नौ डाक्टरो के स्थानांतरण से जिले की स्वास्थ सुविधाए पूर्ण रूप से प्रभावित होगी उधर जिला चिकित्सालय में सर्जिकल, सोनोग्राफी तथा आई विभाग मे एक भी डांक्टर नही रहेगा, आई विभाग में विगत एक वर्ष से कोई भी डांक्टर पदस्थ नही है जिन डांक्टरो के स्थानांतरण हुए है।

उनमें डॉ. एस. के त्रिपाठी हृदय रोग विशेषज्ञ, क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ डी.के. गुप्ता, शल्यक्रिया विशेषज्ञ डां सतिश यादव, स्त्री रोग विशेषज्ञ डां भावना त्रिपाठी मेडिसियन डां पवन द्विवेदी, डां मुकेश अहिरवार, डां प्रशांत पाठक, डां मनोज पाल, सोनोग्राफी विशेषज्ञ डां अमृतलाल राजे के स्थानांतरण किये गये है उक्त डॉक्टरो के स्थानांतरण से सबसे अधिक प्रभाव जिला चिकित्सालय की इमरजेंशी ड्यूटी पर पडेगा क्योकी इमरजेंशी ड्यूटी करने वाले डॉ बचे ही नही है जिले मेे एक मात्र शासकीय जिला चिकित्सालय है तथा यहां पर एक भी निजी नर्सिग होम नही है इस लिए जिले भर के लोगो के स्वास्थय की जिम्मेदारी जिला चिकित्सालय पर ही है।

आखिर जिले के जिम्मेवार सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधी कहॉ गहरी नींद मे सो रहे है तथा उन्हे यह चिंता नही है की आखिर लोगो को स्वास्थय सुविधा नही मिलेगी तो क्या हालात होगे क्या उनका सारोकार आम लोगो से सिर्फ बोट लेने के लिए होता है या फिर जिले की प्रमुख समस्याओं का निराकरण एवं विकास से होता है लेकिन जिस प्रकार से जिले के भारी मात्रा मे डांक्टरो के स्थानांतरण हुए यह एक गंभीर प्रश्न खडा कर रहा है यदि जल्द ही जिला चिकित्सालय मे डांक्टरो की व्यवस्था नही की गई तो आने वाले समय मे भारी परेशानी होना निश्चित है। आगे देखना है मध्य प्रदेश शासन जिले के जिम्मेवार जनप्रतिनिधी तथा जिला प्रशासन उक्त समस्या के प्रति क्या निर्णय लेता है।



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