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गुरूपूर्णिमा संगीत महोत्सव प्रथम दिन भरतनाट्यम नृत्य तबलायुगलबंदी का रहा सुन्दर प्रदर्शन

मृदंगाचार्य नाना साहेब पानसे स्मृति 123 वे गुरूपूर्णिमा का शुभारंभ वित्तमंत्री म.प्र. शासन सम्मानीय जयंत मलैया स्थानीय विधायक लखन पटैल भाजपा प्रान्तीय समिति के सदस्य पूर्व जिला भा.ज.पा. अध्यक्ष पं. नरेन्द्र व्यास दमोह के पुलिस अधिक्षक तिलक सिंह के कर कमलों से हुआ। अलाउद्दीन संगीत कला अकादमी के पूर्व निर्देशक अरूण पलनीटकर समारोह की महत्ता पर प्रकष डाला। उत्थान संस्था के अध्यक्ष संजय पलनीटकर, ऋषि पटैल, श्याम पटैल,बलराम पटैल, राजेन्द्र तिवारी, चंद्रभान पटैल, वेदराम पटैल, नंदराम तिवारी आदि ने अतिथि गणों का पुष्पहार से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जयंत मलैया ने छोटे से ग्राम में इतने बड़े संगीत समारोह के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में शासन द्वारा पूर्ण वित्तीय सहयोग का आष्वासन दिया।

संगीत समारोह के प्रथम दिवस का शुभारंभ अनहद कला केन्द्र दमोह के बाल कलाकारों द्वारा समूह नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। नवोदित निगम व श्री मति साक्षी वैषंपायन के कुषल मंच संचालन में द्वितीय प्रस्तुति भोपाल की नेहा तिवारी द्वारा भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति रही जिसमें आप ने पुष्पांजली, अलीरिपु, तोड़ेमंगलम, दुर्गासप्तषती पर आधारित दुर्गा तथा रामचंद कृपालु भजमन मंगलम से शानदार प्रस्तुति का समापन किया।

तृतीय प्रस्तुति मुंबई के कालीनाथ मिश्र एवं उनके बेटे सत्यप्रकाष मिश्र द्वारा तबलायुगलबंदी की हुई जिसमें सारंगी पर आपकी संगत मुंबई आकाषवाणी के फारूख लतीफ खाॅ ने दी। आपने हिन्दुस्तान के विभिन्न घरानों की बंदिषे, परन, पेषकार के साथ आकर्षक प्रस्तुति के द्वारा हजारों दर्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आपने देष के मूर्धन्य कलाकारों के वादन की फरमाईषें प्रस्तुत कर अपना अनुठा  रंग जमाया। हिन्दुस्तानी शासकीय गायन में मुंबई के आदित्य मोडक ने अपनी शानदार प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया। आप के साथ सारंगी पर मुबई के फारूख लतीफ खाॅ तबले पर मुंबई के कालीनाथ मिश्र एवं हारमोनियम पर दिल्ली के देवेन्द्र वर्मा ने उत्कृष्ट संगत की। आपने गायन का समापन ठुमरी गायन से किया।

अगली प्रस्तुति बकायन की छात्रायें कु. प्रतीक्षा, आकृति एवं साक्षी पटैल ने कत्थक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।

प्रथम दिवस के कार्यक्रम का समापन नई दिल्ली के असगर हुसैन के वायलिन वादन से हुआ आप के साथ तबले पर अख्तर हुसैन नई दिल्ली ने खूबसूरत संगत की। आपने विलम्वित रचना ग्यारह मात्रा रूद्र ताल तथा द्रुत रचना तीनताल में प्रस्तुत की। आकाश तिवारी बनारस ने ताल कहरवा पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में अरूण पलनीटकर व संजय पलनीटकर ने कलाकारों व श्रोतागणों के प्रति आभार व्यक्त किया।