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बुन्देली लोककला से जोड़ने का एक सार्थक प्रयासः डीआरएम

ललित कला संस्थान बुन्देलखण्ड विष्वविद्यालय एवं झांसी रेलवे के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित रंगयात्रा कार्यक्रम के समापन अवसर पर मण्डलीय रेल प्रबन्धक अषोक कुमार मिश्र ने कहा कि रेलवे स्टेषन पर बनाए गए भित्ती चित्र से बुन्देलखण्ड क्षेत्र की लोककला से लोगों को परिचित होने का अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि झांसी रेलवे स्टेषन पर प्रति लगभग 300 रेलगाड़ियां निकलती है जिसमें लाखों लोग यात्रा करते हैं। इस प्रकार इस विषिश्ट बुन्देली लोककला से प्रतिदिन लाखों लोग परिचित हो सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि उत्तर मध्य रेलवे, झांसी तथा बुन्देलखण्ड विष्वविद्यालय के ललित कला संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में झांसी रेलवे स्टेषन की दीवारों पर  बुन्देल खण्ड की कला व संस्कृृति की झलक प्रस्तुत करने हेतु दस दिवसीय कार्यषाला रंगयात्रा’ का आयोजन किया गया जिसमें संस्थान के 42 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था तथा कुल नौ पैनलों पर बुन्देलखण्ड की कला एवं संस्कृति को चित्रों के रूप में प्रदर्षित किया गया।   

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बुन्देलखण्ड विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र दूबे ने कहा कि कला अभिव्यक्ति का माध्यम है। रेलवे स्टेषन की दीवारों पर उकेरे गये इन चित्रों में बुन्देलखण्ड की लोककला को परिलक्षित किया गया है। कला लोगों को मानसिक षान्ति प्रदान करती है। कुलपति ने कहा कि यात्रा के दौरान हुई थकावट को दूर करने तथा ऊब को खत्म करने में कला सहायक हो सकती है। इसके साथ ही साथ कला केवल कलाकारों के लिए न होकर आम लोगों के लिए होती है।

बुन्देलखण्ड विष्वविद्यालय के कुलसचिव बी. एन. व्यास ने कहा कि बुन्देलखण्ड विष्वविद्यालय बुन्देली संस्कृति को प्रोन्नति देने के लिए कृतसंकल्प है। बुन्देलखण्ड की लोककला को संरक्षित करने के लिए विष्वविद्यालय बृहद स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा, जिससे लोगों को अपने गौरव का एहसास हो सके।

रंगयात्रा की संयोजक डाॅ. ष्वेता पाण्डेय ने कहा कि ललित कला संस्थान हमेषा से ही कला को प्रचार एवं प्रसार के लिए कृतसंकल्प रहा है। विóविद्यालय का अंग होने के नाते इस क्षेत्र की संस्कृति और कला को संरक्षित करने की जिम्मेदारी हम लोगों पर ही है। आने वाली पीढ़ी को अपनी विरासत से परिचित कराने के लिए आवष्यक है कि हम उसको संजोकर रख सके। इस अवसर पर कार्यषाला में सम्मिलित ललित कला संस्थान के बच्चों के मनोबल बढ़ाने के लिए प्रमाणपत्र वितरित किया गया।

इस अवसर पर ललितकला संस्थान के षिक्षक दिलीप कुमार, जयराम कुटार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्रजेष कुमार ने किया व आभार डाॅ. ष्वेता पाण्डेय ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर डा0 अजय कुमार गुप्ता, ब्रजेष सिंह परिहार, जयराम कुटार सहित ललित कला संस्थान के कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 



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