?> प्रशासनिक अधिकारियो के नियंत्रण से बाहर है खंड विकास अधिकारी बुन्देलखण्ड का No.1 न्यूज़ चैनल । बुन्देलखण्ड न्यूज़ वित्तीय वर्ष 2016-17 समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों के"/>

प्रशासनिक अधिकारियो के नियंत्रण से बाहर है खंड विकास अधिकारी

वित्तीय वर्ष 2016-17 समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों के विकास की तैयारी की गयी कार्ययोजना की फीडिंग यदि समय से कर दी जाती तो गांवों के विकास की गति नहीं रुक पाती। इन दो माहो के अन्दर न तो फीडिंग का कार्य किया गया न ही विकास कार्यो की योजना बनाई गई। जिससे जनपद के ग्राम पंचायतो के कार्य पूर्णतया ठप्प हो गये। यह कार्य कब तक पूरा होगे यह भी सुनिश्चित नहीं है। क्योंकि ब्लाक में कोई किसी की भी नहीं सुनता।

अधिकारी, कर्मचारी, प्रधान अपनी मनमर्जी के मुताबिक कार्य कर रहे है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायतों, सरकारी विभागो मे बजट का आभाव बना हुआ है। माह जून - जुलाई में नगर निकाय के चुनाव होने से प्रशासनिक अमला पूरी तरह से चुनाव मे व्यस्त होने से गांव के विकास कार्यो की सुध नही ले सकेगे। जहां तक ग्राम प्रधान व सचिव से लेकर बीडीओ तक की बात है। तो वहां अपनी मर्जी का आदेश, मर्जी का कार्य होता है। क्योकि जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला पंचायत अधिकारी का खंड विकास अधिकारियों पर नियंत्रण न होने से विकास कार्यो की रफ्तार बहुत ही धीमी गति से चल रही है।

सरकारी कागजी आकडो मे भले ही हम विकास कर रहे लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ भी दिखाई नही दे रहा है। गांव के हालात बद से बद्तर स्थिति मे हैं। ग्राम स्थल पर जो भी कार्य कराये जा रहे है उनकी गुणवत्ता बहुत ही निम्न स्तर की है। ग्राम प्रधानों से मिली जानकारी के अनुसार गांवों में खड़ंजा नाली, सीसी हैण्डपम्प, स्ट्रीट लाइट व सोलर लाइट जैसे कार्यों के पूर्व में कार्य योजना बनाकर कम्प्यूटर में उसकी फीडिंग करानी होती है। तभी कार्यों को कराया जा सकता है।

वित्तीय वर्ष मार्च 2016-17 में समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधान व सचिव ने मिलकर कार्य योजना तैयार की थी तथा ब्लाक कार्यालय में फीडिंग के लिए हीला हवाली एवं खण्ड विकास अधिकारी द्वारा गौर न किये जाने से अप्रैल के बाद मई का महीना भी समाप्ति की ओर है। यह काम पूरा नहीं हो पाया है। जिससे गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। जब कार्य योजना की फीडिंग होगी तभी काम कराये जा सकेंगे। प्रधानों के अनुसार 14वें वित्त एवं राज्य वित्त के तहत गांवों में तमाम कार्य लम्बित पड़े हैं। जनता काम चाहती है। मगर ब्लाक कार्यालय की शिथिलता विकास में बाधा बनी हुई है। 2 माह से कोई काम नहीं हो पा रहा है। इसके पूर्व विधानसभा चुनाव के कारण विकास कार्य रुके रहे तो लम्बा समय बीत रहा है। काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वच्छ भारत मिशन योजना को सफल बनाने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। मगर मौरम के अभाव में शौचालयों का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है। कहीं-कहीं डस्ट का प्रयोग करके कार्य कराये जा रहे हैं। मगर डस्ट से मजबूती नहीं आ पाती। इस तरह गांवों के विकास की गति थम जाने से जहां जनप्रतिनिधि परेशान हैं वहीं आम जनता भी परेशान है। उसक वजह यह भी है कि यदि जून माह में मानसून सक्रिय हो गया तो बरसात के महीनों में ठीक तरह से कोई काम भी नही हो पायेंगे और धीरे-धीरे लम्बा समय बीत जाएगा। इससे जनता में विकास कार्य न होने का विपरीत प्रभाव पड़ना लाजमी है। ग्राम प्रधानों व गांवों की जनता ने विकास कार्यों में अवरोध बने लोगों को हिदायत देकर सक्रिय करने की मांग जिलाधिकारी से की है।