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भीषण गर्मी में तपते राहगीरों को पानी पिलाना पुण्य का "/>

नगर पालिका के प्याऊ में बैनर के अलावा कुछ भी नही

भीषण गर्मी में तपते राहगीरों को पानी पिलाना पुण्य का काम माना जाता है। तमाम सरकारी अद्र्व सरकारी एवं स्वयं सेवी संस्थायें प्याऊ खुलवा इसमें सहभागिता करती है। पर यहां तो नगर पालिका का हाल बेहद निराला है। पालिका प्रषासन ने दो हफ्ते पहले रोडवेज बस स्टेण्ड के सामने प्याऊ खुलवा अपना बैनर तो लगवा दिया पर इसमें पानी अब तक नही लिखवाया गया। प्यासे लोग प्याऊ में जा वहां का हाल देख मायूष हो वापिस लौट आते है। इस वावत बात करने पर पालिकाध्यक्ष कहती है कि सभी प्याऊ में पानी व कर्मचारी की व्यवस्था की गई है। कहीं गडबडी हो रही है तो उसे ठीक करा जिम्मेदार कर्मचारी को दण्डित किया जायेगा।

भीषण गर्मी में शहर में प्यास से कोई मरने न पाये इसके लिये सरकारी व गैर सरकारी स्थलों पर एक दर्जन से अधिक प्याऊ खोले गये है। नगर पालिका प्रशासन ने आधा दर्जन से अधिक प्याऊ खुलवा कर वहां लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने के लिये पानी पिलाने वाले कर्मचारी की व्यवस्था भी की है पर इसका कोई लाभ प्यासे लोगों के नही मिल पा रहा है। आलम यह है कि दो हफ्ते पूर्व रोडवेज बस स्टेण्ड जैसी भीडभाड वाली जगह में दो सप्ताह पहले खोले गये प्याऊ में पीने के पानी के नाम पर कुछ भी नही हैं बुधवार को यहां रियेल्टी चेक करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को पानी तो दूर पानी भरने के लिये घडा व पानी पिलाने के लिये मग्घा रखा भी नही दिखा। पानी पिलाने वाले कर्मचारी का तो कोई अता पता भी नही था। कुल मिलाकर यहां प्याऊ का बैनर तो लगा था पर पानी जैसी कोई चीज नही थी।

डिपो व बसों का इंतजार कर रहे तमाम प्यासे लोग बैनर देख अपनी प्यास बुझाने यहां लगातार आ रहे थे और पानी की कोई व्यवस्था न देख नगर पालिका को कोसते हुये मायूष हो लौटने को मजबूर थे। नगर पालिका के प्याऊ की इस दुर्दशा के संदर्भ में बात करने पर पालिकाध्यक्ष पुष्पा अनुरागी कहती है कि परिषद द्वारा संचालित सभी प्याऊ में न केवल शीतल जल की व्यवस्था की गई है अपितु वहां पानी भरने व लोगों को पानी पिलाने के लिये कर्मचारी भी नियुक्त किये गये है। कहीं कोई गडबडी हो रही है तो व्यवस्था में सुधार करने के साथ ही लापरवाही करने वाले लोगों को दण्डित किया जायेगा।



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