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आधार कार्ड के बिना किसानों को नहीं मिलेगी खाद

सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं से मिलने वाले यूरिया डीएपी, एनपीके सहित अन्य रासायनिक खाद खरीदने के लिए किसानों को अपना आधार नंबर देना अनिवार्य किया गया है। एेसा किसानों को खेती के लिए महत्वपूर्ण रासायनिक उर्वरक की कालाबाजारी एवं आवश्यकता से अधिक उपयोग को रोकने के लिए किया गया है।

खरीफ 2017 सीजन में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की खरीदी के लिए 1 जून 2017 से नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत किसानों को आधार कार्ड के साथ अंगूठा निशानी के बाद ही उर्वरक मिल पाएगा। कर्रापुर समिति के अरविंद तिवारी, टड़ा समिति के प्रबंधक ब्रज बिहारी पांडे ने बताया कि जिन किसानों के पास आधार नहीं है, उन्हें केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।

अब सहकारी संस्था एवं निजी विक्रेताओं की दुकान पर पीओएस मशीन उपलब्ध रहेगी। जहां किसान अपना आधार कार्ड लिंक कराकर अपना अंगूठा लगाते ही रासायनिक उर्वरक की मात्रा, निर्माता कंपनी का नाम एवं निर्धारित मूल्य की पर्ची निकलेगी। इसके अनुसार भुगतान किया जाएगा।

बिना पीओएस मशीन के किसानों को रासायनिक उर्वरक नहीं खरीदने की सलाह दी गई है। अन्यथा उन्हें अनुदान राशि का लाभ प्राप्त नहीं होगा। राष्ट्रीयकृत बैंक या जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जहां पर किसान का खाता है, उसे वहां अपना आधार कार्ड लिंक कराना होगा। आगामी रबी मौसम से किसानों द्वारा उर्वरक खरीदने पर उनको सीधे खाते में अनुदान प्राप्त होगा।