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इंटरनेशनल कोर्ट में भारत ने कहा- डर है कुलभूषणको फैसले से पहले फांसी ना दे दे PAK

कुलभूषण जाधव पर  नीदरलैंड के हेग में सुनवाई जारी  है। 11 जजों की बेंच इस केस की सुनवाई कर रही है। भारत की तरफ से वकील हरीश साल्वे पक्ष रखने पहुंचे हैं। जबकि पाकिस्तान की तरफ से तहमीना जांजुआ पक्ष रखने इंटरनेशल कोर्ट पहुंची हैं। बता दें कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कुलभूषण को मौत की सजा सुनाई है, जिसके खिलाफ भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

 

इससे पहले पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। इसी सजा पर रोक लगाने के लिये भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में अपील की थी। इससे पहले भारत की अपील पर 9 मई को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव की फांसी तब तक रोकने को कहा है जब तक न्याय की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी जाधव को पाकिस्तान ने मार्च 2016 में बलूचिस्तान में गिरफ्तार करने का दावा किया था। पाकिस्तान ने कहा है कि जाधव भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए काम कर रहा था। वहीं भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था।

बताया जा रहा है कि आज की सुनवाई में पाकिस्तान कोर्ट के सामने भारत की मांग को ठुकराते हुए केस रिजेक्ट करने की मांग कर सकता है। इस सिलसिले में पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल और दूसरे अधिकारियों के बीच मीटिंग हुई है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान कोर्ट के सामने कुलभूषण जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो भी पेश कर सकता है।

बताया जा रहा है कि आज की सुनवाई में पाकिस्तान कोर्ट के सामने भारत की मांग को ठुकराते हुए केस रिजेक्ट करने की मांग कर सकता है। इस सिलसिले में पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल और दूसरे अधिकारियों के बीच मीटिंग हुई है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान कोर्ट के सामने कुलभूषण जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो भी पेश कर सकता है।

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी का दोषी बताते हुए फांसी की सजा सुनाई है। पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में उन्हें एक साल से भी अधिक समय से हिरासत में रखा है। कुलभूषण जाधव को 10 अप्रैल को फांसी की सजा सुनाई गई थी। पाकिस्तान ने जाधव को 3 मार्च, 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था।