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और्जित्या यानि शक्ति

बुन्देलखण्ड के कलाकारो द्वारा बनाई गयी लघु फिल्म ‘और्जित्या’ का प्रीमियर शो बाँदा शहर के एक होटल में रखा गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के साथ-साथ शहर की जानी मानी हस्तियां मौजूद थीं।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के उद्देश्य को लेकर बनाई गई इस लघु फिल्म में गाँव की गलियों से निकलकर शहर में संघर्ष करते हुए अपनी पहचान बनाने वाली और्जित्या की यह कहानी निःसन्देह प्रेरक है। हमारे समाज में बेटियों के साथ होते भेदभाव को काफी करीब से दिखाया गया है। दरअसल यह पूरी फिल्म बाँदा के युवाओं की सोच व उनके प्रयासों का ही परिणाम है। प्रवीण चौहान के निर्देशन में बनी इस फिल्म के निर्माता शहर के युवा व्यवसायी व भाजपा नेता अजीत कुमार गुप्ता हैं। प्रवीण चौहान आज बाँदा व आसपास के क्षेत्र में नया नाम नहीं है, प्रवीण ने यहाँ के युवाओं को डांस में पारंगत तो किया ही साथ ही अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को भी निभाना प्रवीण चौहान खूब जानते हैं। प्रवीण ने बताया कि उन्हें इस फिल्म को बनाने का आइडिया रत्नेश गुप्ता ने दिया। आप को बता दें कि रत्नेश गुप्ता भी युवा हैं और अभी हाल ही में वे अध्यापक भी बने हैं। अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे रत्नेश अध्यापक बनने से पहले एक आरटीआई कार्यकर्ता रहे हैं। समाज में फैली बुराइयों के प्रति रत्नेश गुप्ता के मन में भी भारी टीस थी।

कुल मिलाकर पूरी फिल्म बहुत अच्छी है, एक साफ सन्देश देने की कोशिश है कि बेटी भी किसी बेटे से कम नहीं है। पूरी टीम बधाई की पात्र है, जैसा कि प्रवीण ने बताया कि कोई भी कलाकार प्रोफेशनल नहीं है, लेकिन फिल्म देखने के बाद लगता है कि इनमें से कई कलाकारों के अन्दर वास्तविक प्रतिभा है। और्जित्या के किरदार के अलावा श्रीमती छाया सिंह, रत्नेश गुप्ता व डाॅ. शबाना रफीक का रोल काफी दिलच्स्प है । कुल 30 मिनट की यह फिल्म आपको कई बार भावुक भी कर देगी। इसीलिए इसे देखें और हमारे युवा निर्माता अजीत कुमार गुप्ता व युवा निर्देशक प्रवीण चौहान का हौसला बढ़ायें।



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