कोरोना वायरस से बचाव हेतु बरतें सावधानी : डॉ. अशोक कुमार

ललितपुर,

 एक ही परिवार में एक से अधिक लोगों के बीमार होने पर उसकी दें जानकारी

 कोरोना वायरस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मड़ावरा स्थित रैन बसेरा सभागार कक्ष में कोरोना वायरस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुआ। कार्यशाला में आशा, एएनएम आदि उपस्थित रहीं जिन्हें कोरोना वायरस से बचाव व उसके लक्षणों के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यशाला में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने कोरोना से बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रभावित इलाके के लोगों को पहले से निर्धारित सामान्य एहतियाती उपाय बरतने की सलाह दी है ताकि संक्रमण के ख़तरे को कम किया जा सके। कहा कि इन उपायों में हाथ साफ़ रखना, मास्क पहनना और खान-पान की सलाह शामिल है। उन्होंने सांसों की किसी तकलीफ़ से संक्रमित मरीज़ों के क़रीब जाने से लोगों को बचने की सलाह दी। कहा कि नियमित रूप से हाथ साफ़ करते रहें, ख़ासकर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के फौरन बाद, पालतू या जंगली जानवरों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है, कच्चा या अधपका मांस खाने से मना भी किया गया है।

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को छींक आने की सूरत में सामने खड़े लोगों को बचने की सलाह दी गई है  कहा कि नाक पर कपड़ा या टिशू रखना चाहिए, सामने खड़े व्यक्ति से फासला बनाकर रखें, नियमित रूप से साफ़ सफ़ाई जैसी सावधानियां बरती जाएं।

कोरोना वायरस के लक्षण बताते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप राजपूत ने कहा कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।

यूनिसेफ से आईं अर्पिता गुप्ता ने जानकारी देते हुए इस बीमारी के लक्षण बताते हुए कहा कि इसके लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं। संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है, खास तौर पर अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ और हार्ट की बीमारी है।

कार्यशाला में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार, चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप राजपूत, यूनिसेफ से अर्पिता गुप्ता, जितेंद्र तिवारी बीसीपीएम, प्रियंक तिवारी बीपीएम, करनलाल सुपरवाइजर, एएनएम विमला, भूरी देवी एलएचबी सहित आशा एवं एएनएम उपस्थित रहीं।