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जिले को कुपोषण से मुक्"/>

कलेक्टर के प्रयासों से 7772 बच्चों को मिला नया जीवन

पन्ना,

जिले को कुपोषण से मुक्त करने के लिए कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा महिला एवं बाल विकास, लोक स्वस्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी विकास अभिकरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मत्स्य, खाद्य एवं आपूर्ति, कृषि एवं कृषक कल्याण, स्कूल शिक्षा व पशुपालन विभागों के समन्वय से प्रोजेक्ट संजीवनी का संचालन माह जुलाई 2019 में किया गया। कलेक्टर श्री शर्मा की इस पहल ने आगे चलकर जनआंदोलन का रूप ले लिया।  

इस प्रोजेक्ट में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं जनसामान्य के सहयोग से प्रोजेक्ट को जनआंदोलन का स्वरुप देकर कुपोषण निवारण हेतु प्रयास किया जा रहा हैं। इसकी शुरुआत जुलाई माह में बच्चों के चिन्हांकन से हुई, जिसके बाद इन बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्र में संधारित संजीवनी पंजी में श्रेणी अनुसार पंजीयन करवाया गया तथा स्वस्थ जांच एवं सन्दर्भ सेवाएं जैसे टीकाकरण, रक्ताधान, एन आरसी व ब्लडबैंक की सेवाओं से जोड़ा गया। सभी चिहिन्त अतिकुपोषित बच्चों को जनप्रतिनिधियों शासकीय अधिकारियो, कर्मचारियों, समाज सेवियों द्वारा संजीवनी अभिभावक के रूप में गोद लिया गया।

प्रत्येक संजीवनी अभिभावक माह में कम से कम एक बार बच्चों के परिवार का भ्रमण करता है, तथा परिवार को आवष्यक सलाह देता है। अभिभावकों द्वारा अतिकुपोषित बच्चों के परिवार को पोेष्टिक आहार तथा खाद्य सामग्री प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त संजीवनी अभिभावक बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति के सुधार के लिए उन्हें शासकीय योजनाओं से प्राप्त होने वाली सुविधा दिलवाने तथा दैनिक खान-पान, स्वास्थ्य, स्वच्छता हेतु परामर्श देते है।

इस अभियान के संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री उदल सिंह ने बताया कि इस प्रयास के तहत जिले में चिन्हित 2827 अतिकुपोषित बच्चो में 2273 बच्चो का श्रेणी परिवर्तन हुआ जिसमें 1489 बच्चे पिली श्रेणी (कुपोषित) एवं  784 बच्चे हरी श्रेणी (सामान्य) में परिवर्तित हो चुके हैं। प्रोजेक्ट संजीवनी के द्वितीय चरण में 13433 चिन्हित कुपोषित बच्चो से 4499 बच्चे हरी श्रेणी; सामान्य में परिवर्तित हो चुके हैं। अर्थात 5273 बच्चे कुपोषण से  बहार आ चुके हैं जो अब सामान्य जीवन जी रहे हैं। प्रोजेक्ट संजीवनी अंतर्गत विभागीय समन्वय से लगभग 2600 कुपोषण से पीड़ित बच्चों के परिवारों को विभागीय योजनाओं के लाभ भी दिलाये गए हैं।
समाज के सभी वर्गो के सहयोग से पन्ना जिले को कुपोषण से मुक्त करने के इस संघर्ष में शीघ्र ही सफलता मिलेगी।
 

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