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व्यापारियों ने कहा -व्यापार जगत में इंस्पेक्टर राज का बोलबाला

बांदा,

जिला उद्योग व्यापार मंडल बांदा ने आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार खत्म हो गया लेकिन नि चले स्तर पर अभी भी इंस्पेक्टर राज कायम है ,जहां बिना नजराना व शुकराना के काम नहीं होता है।

जिला उद्योग व्यापार मंडल बांदा के जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ के नेतृत्व में गुरुवार को जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया। 22 सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया है कि छोटा और मध्यम व्यापारी ऑनलाइन ट्रेडिंग रिटेल से में एफडीआई तथा आर्थिक मंदी में भी बिक्री न होने के कारण परेशान हैं ,हालांकि छोटे व मध्यम व्यापारियों के लिए बैंकों से ऋण लेने की व्यवस्था की गई है, लेकिन बैंक मैनेजर उन्हीं व्यापारियों को दलालों के माध्यम से ऋण देते हैं जो नजराना व शुकराना अदा करते हैं

ज्ञापन में कहा गया है कि उच्च स्तर पर भले ही भ्रष्टाचार समाप्त हो गया हो लेकिन व्यापार जगत में अभी भी इस्पेक्टर राज का बोलबाला है। मांग पत्र में कहा गया है कि व्यापारी समाज को केंद्र व प्रदेश सरकार से अनेक प्रकार के लाइसेंस लेने पड़ते हैं, यह लेना उचित भी है परंतु उसका नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष या 3 वर्ष में कराना पड़ता है, न कराने पर किसी किसी लाइसेंस पर प्रतिदिन जुर्माना देना पड़ता है।

लाइसेंस लेने की व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन नवीनीकरण की व्यवस्था समाप्त की जाए। खुदरा व्यापार से एफ डीआ ई  हटाने ,ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद करने, वायदा व्यापार को प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।इसी तरह वैट में अंतिम 3 माह का करोड़ों रुपया वापस दिलाने, जीएसटी विक्रेता की लिबर्टी को विक्रेता की न मानने, महंगाई को देखते हुए ई विल की सीमा बढ़ाकर 100000 करने, तिलहन किसान की उपज पर जीएसटी समाप्त करने ,जो व्यापारी जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं उनको बैंकों द्वारा 5 से 10 लाख तक की क्रियाशील पूंजी के लिए ऋण दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

ज्ञापन देने वालों में जिला महासचिव कमलेश कुमार गुप्त, प्रेम गुप्ता, शिवपूजन गुप्ता, अभिषेक कुमार गुप्ता, गोरेलाल गुप्ता, संतोष अनशन कारी, दीपक गुप्ता ,अमित सेठ भोलू, ज्वाला प्रसाद गुप्ता इत्यादि सैकड़ों व्यापारी शामिल रहे।

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