जेब में रखा रहा एटीएम कार्ड, लाखों रुपए की हो गई हीरा फेरी

@सत्यनारायण शुक्ला, सागर

सरकार के फरमान के अनुसार घर में या किसी रिश्तेदार को नगद लेनदेन  करना पूर्णता गैरकानूनी है लेकिन बैंकों में रखा पैसा भी सुरक्षित नहीं है। बैंकों द्वारा कही जाने वाली है बात की खाते में जवाब पैसा सुरक्षित है। खाताधारक जब चाहे वह निकाल सकता है यह बात उस समय गलत साबित होती है। जब लोग नर्मदा परिक्रमा पर घूमते फिरते हैं एटीएम कार्ड अपनी जेब में रखे होते हैं। और लाखों रुपए दूसरे प्रदेशों से अज्ञात लोग हेरा फेरी कर देते हैं। थाना क्षेत्र की स्टेट बैंक में संभवत यह दूसरी घटना है जब खाताधारक के खाते से उसकी बिना जानकारी के विभिन्न माध्यमों में लाखों रुपए निकाल लिया जाता है। ट्रांसफर कर दिया जाता है तथा खरीदी कर ली जाती है ।

ताजा मामला सरस्वती शिशु मंदिर रहली के सेवानिवृत्त शिक्षक तुलसीराम राठौर के साथ घटी जिन्होंने अपने साथ घटित बदमाशी की प्राथमिकी थाना में दर्ज कराई है। और बताया कि 8 दिसंबर को दस हजार रूप्ऐ स्टेट बैंक से निकाल कर नर्मदा परिक्रमा करने लगभग तीस यात्रीयों के साथ गए थे ।लौटकर 15 तारीख को जब वापस आए और राशि की आवश्यकता थी तो एटीएम कार्ड का पिन नंबर गलत बताया जा रहा था।

जिसकी जानकारी लेकर बैंक शाखा में पड़ताल की गई तो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई लगभग 3लाख 80 हजार रूपऐ बदमाशों द्वारा एटीएम का क्लोन बनाकर ठगी कर ली गई थी। तुलसीराम राठौर ने बताया कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुआ हूं जमा पूंजी मिली थी तथा फंड की राशि भी निकाली गई है। अब सोचा था कि तीर्थ दर्शन हो जाए और घर के छोटे काम करवा कर जिंदगी आराम से बसर की जाए लेकिन बदमाशों को यह मंजूर न था और उन्होंने श्री राठौर के खाते में सेंध लगा दी और भारतीय स्टेट बैंक की सुरक्षा को चकमा दे दिया। बैंक मैनेजर श्री गुप्ता ने बताया कि लगातार पैसे निकाले जाने के कारण भारतीय स्टेट बैंक उड़ीसा की एक ब्रांच ने खातहोल्ड़ लगा दिया है। ताकि और अधिक राशि खातों से ना निकाली जा सके खाते में अभी भी लगभग साढे तीन लाख रुपए शेष है ।

इस संबंध में थाना प्रभारी राम अवतार चुहरा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह घटना शातिर चोरों के द्वारा कारित हो रही है अज्ञात चोर के खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।