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कोटा: 100 से ऊपर बच्चो मासूमो ने गवाई जान, निशिक्षण के लिए गए स्वास्थ्य मंत्री के लिए बिछाया ग्रीन कारपेट

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जेके लोन सरकारी अस्पताल में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। शुक्रवार सुबह यहां एक और नवजात ने दम तोड़ दिया। जिस बच्ची की मौत हुई, उसका 15 दिन पहले ही जन्म हुआ था। माता-पिता उसका नाम भी नहीं रख पाए थे। अस्पताल में पिछले 34 दिन में 105 मौतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन बेशर्म है। जयपुर से 4 घंटे की दूरी होने के बावजूद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने गुरुवार तक यहां का दौरा नहीं किया था। शुक्रवार को वे अस्पताल पहुंचे तो प्रशासन ने रातों-रात अस्पताल का कायाकल्प कर दिया। सभी वार्ड में सफाई और पुताई हो गई। बेड पर नई चादरें बिछा दी गईं। मंत्री के स्वागत में ग्रीन कारपेट बिछा दिया गया। लेकिन जब किरकिरी हुई तो इसे हटा लिया। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक विशेष टीम राजस्थान के कोटा स्थित जे.के. लोन हॉस्पिटल जाएगी। इस टीम में जोधपुर एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर, स्वास्थ्य, वित्त और क्षेत्रीय निदेशक शामिल होंगे। इसके अलावा जयपुर से भी विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया है। कोटा स्थित इस अस्पताल में उपचार के दौरान बीते दिसंबर में लगभग 100 बच्चों की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में बीजेपी नेताओं पर शर्मनाक सियासत करने का आरोप लगाया है। रघु शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार के अलावा जब केंद्र सरकार की कमेटी की रिपोर्ट मान चुकी है कि बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की कोई क्लीनिकल लापरवाही नहीं बरती गई, तब बीजेपी नेताओं को कोटा के अस्पताल को पर्यटन का अड्डा नहीं बनाना चाहिए। रघु शर्मा ने राजस्थान में वसुंधरा सरकार पर कांग्रेस की ओर से की गई घोषणाओं को भी लागू नहीं करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया कि उन्होंने इस बारे में राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात की है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को बच्चों के इलाज में हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ की एक टीम को भी राजस्थान के लिए रवाना किया गया है, ताकि वहां बच्चों की मौत रोकी जा सके।

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