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कमलनाथ सरकार में प्याज़ किसानो से की गई दग़ाबाज़ी

@सत्यनारायण शुक्ला, सागर

रहली विधानसभा क्षेत्र के किसानों ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है और कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाए हैं कि रहली विधानसभा क्षेत्र से गोपाल भार्गव नेता प्रतिपक्ष हैं इस कारण से कमलनाथ सरकार यहां पर किसानों के प्याज के पैसे नहीं दे रही है। सागर जिला प्याज के पैसों के लिए छूटा हुआ है इस संबंध में किसानों ने आज एकत्रित होकर तहसील में जाकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।

बीते वर्ष मई-जून में प्याज की सरकारी खरीदी में राज्य सरकार ने भावांतर की राशि रोक लिए यह राशि किसानों को रु.800 प्रति कुंटल के मान से मिलना थी राज्य शासन ने सागर जिला छोड़कर प्रदेश के 20 जिलों में प्याज की सरकारी खरीदी के लिए मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना के तहत 116 करोड़ रुपए की राशि जारी की है इन जिलों में सागर संभाग का एक भी जला नहीं है जबकि पड़ोस के रायसेन से लेकर विदिशा मध्यांचल के लगभग सभी प्याज उत्पादक जिले शामिल हैं।

रहली और गढाकोटा क्षेत्र विगत बर्षो में प्याज उत्पादक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। किसानों द्वारा व्यवसायिक स्तर पर प्याज का रकवा बढाया जा रहा है। विगत बर्ष बाजार में शुरूआत में प्याज के दाम बहुत कम रहे मजबूरी में किसानों द्वारा एक-दो सौ रूपया क्विंटल के भाव से कुछ प्याज बेचना पढी जिसके कारण शासन द्वारा प्याज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि चार सौ रूपऐ प्रति क्वि. प्रदान करने की  घोषण की गई और किसानों ने यथा संभव स्टक कर प्याज को कम दामो पर बाजार में नही बेचा और शासन द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ होने का इंतजार किया गया।

जिसका परिणाम यह हुआ कि लंबे समय तक प्याज घरों में और बेयर हाउसों में रखना पढा इसी दौरान दौरान लोकसभा के चुनाव भी संपन हुए जिसके कारण प्याज की प्रकृति के अनुसार कुछ प्याज खराब भी हो गई सरकार द्वारा समय पर खरीदी ने कारने कारण किसान पहले से ही प्याज की खेती कर आर्थिक नुकसान में चले गए।यदि प्रदेश सरकार के आदेशानुसार भावांतर योजना में प्याज की खरीदी नही की गई होती तो किसानों का मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि से भी कई गुना अधिक राशि का लाभ प्राप्त हो सकता था लेकिन सरकारी स्तर पर विधि अनुसार प्याज खरीदी शुरू होने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ जी की बात पर विश्वास करके किसानों ने योजना के तहत प्याज बेची।  

जून 2019 में मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना अंतर्गत  प्याज की खरीदी की गई मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग छैः माह बाद सागर जिले को छोड कर कुछ जिलों के किसानों को प्याज भावांतर का भुगतान किया जा रहा हैं। जिसमें सागर जिले की रहली व गढ़ाकोटा मंडी के किसानों को भुगतान नहीं किया गया। जो कि राजनैतिक द्वेषपूर्ण प्रतीत हो रहा है। मीडिया के अनुसार जिले में खरीदी के अंतिम तीन दिनों में अधिक मात्रा में प्याज की खरीदी जाना संदेहास्पद माना जा रहा है लेकिन जबकि विधि अनुसार पंजीकृत रकबा से आधी खरीदी ही हुई है। तथा अंतिम सप्ताह में लगभग एक हजार क्विंटल मात्र की खरीदी ही हुई है जो विधि अनुसार की गई है। खरीदी की प्रक्रिया उद्यानिकी विभाग के नोडल अधिकारी, राजस्व, पुलिस, कृषि विभाग एवं मंडी के अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी एवं सीसीटीव्ही कैमरे की की निगरानी में व्यापारियों द्वारा बोली लगाकर पंजीकृत किसानों से बेबसाईट के निर्देशों के आधार पर की गई है।

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