< पानीदारी की वजह से विलेन बनते है बुंदेली कलाकार: गोविन्द नामदेव Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News दमोह,

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पानीदारी की वजह से विलेन बनते है बुंदेली कलाकार: गोविन्द नामदेव

दमोह,

बुन्देलखण्ड की धरती से निकल कर बॉलीवुड की सैकडो फिल्मो में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके दिग्गज कलाकार गोविन्द नामदेव इन दिनों दमोह के वात्सल्य हॉस्टल में चल रही अंतरराष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला में देश भर से आए युवा कलाकारों को प्रशिक्षण देने पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने अपने किरदारो की चर्चा करते हुए अपने अनुभव को लोगों साझा से किया।

इस दौरान उन्होने बुन्देलखण्ड की वीरता और साहस को भी खूब सराहा किया साथ ही उन्होने कहा की "बुन्देलखण्ड के पानी में ठसक है, इसलिए यहां के विलेन सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं" और कोई बड़ा हीरो अभी तक नहीं आया।

इसी बीच उन्होने बताया कि मुंबई में मैं, आशुतोष राणा और मुकेश तिवारी एक साथ एक एवार्ड के लिए नामिनेट किए गए और एक ही मंच पर एक साथ साझा हुए। इसमें आश्चर्य कि बात यें है कि हम तीनों बुन्देलखण्ड से आते हैं। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड की बोली को कई बार ट्राय किया और इंडस्ट्रीज में दिखाया, लेकिन अंत में प्रोड्यूसर की बात मानी जाती है। वो जो कहता है, वह होता है, क्योंकि पैसा वह लगा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बुन्देलखण्ड की बोली को पहचान हप्पू सिंह के किरदार से मिल रही है। इसे हम रिफरेंस में दिखा सकते हैं।

नामदेव विरासत फिल्म के एक लकवा ग्रस्त छोटे ठाकुर के किरदार को सबसे चुनौती वाला किरदार मानते हैं। उन्हें इसे करने को लेकर खासी मेहनत करनी पड़ी। न बोलने वाले किरदार की प्रस्तुति भी बिना बोले बस कुछ कह देने वाली थी। यह किरदार मौके पर उन्होंने करके भी दिखाया। बुन्देलखण्ड की लोककला को लेकर उन्होंने कहा कि यहां पर लोक कलाएं खत्म हो रही हैं, उन्हें बचाना जरुरी है और यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। इसके संस्कृति केंद्र बनाए जाने चाहिए, जो इसकी निगरानी कर सकें।

उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को अपने टैलेंट की परख है, उन्हें मुंबई जाना चाहिए, जिन्हें आत्म विश्वास नहीं है, वे आत्ममंथन करें। क्योंकि मैंने 11 साल थिएटर किया, उसके बाद मुंबई जाने का निर्णय लिया। ताकि कोई भी चीज हम पर हावी न हो। उन्होंने कहा कि मेरा सागर में थिएटर है, जिसमें मैं 25 साल से काम कर रहा हूं। नाटक और थिएटर का ध्येय यही है कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा सिखाया जाए।

आपको बताते चलें की मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड के सागर जिले में जन्मे गोविन्द नामदेव बाॅलीवुड की कई बडी फिल्मो में खलनायक के किरदार सहित 115 से अधिक फिल्मों में अपना अभिनय दिखा चुके हैं और कई बडे अवार्ड से सम्मानित किये जा चुके हैं।

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