राष्ट्रीय लोक अदालत में 1662 वाद निस्तारित

@ राजकुमार याज्ञिक, चित्रकूट

न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रामपाल सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जिसमें 1662 वादों का निस्तारण हुआ। 

शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज ने मोटर दुर्घटना के छह वादों का निस्तारण कर 19 लाख 50 हजार रुपए प्रतिकर दिलाया। प्रकीर्ण सिविल के तीन वाद निस्तारित किए। अपर जिला जज प्रथम रामलखन सिंह चंद्रौल ने विद्युत के आठ वाद व एक पास्को वाद का निस्तारण किया। तृतीय अपर जिला जज सतीशचन्द्र द्विवेदी ने पांच प्रकीर्ण सिविल वाद का निस्तारण कर 22 लाख 17 हजार 50 रुपए, मोटर दुर्घटना के एक वाद का निस्तारण कर छह लाख 50 हजार रुपए प्रतिकर दिलाया। चतुर्थ अपर जिला जज निहारिका चैहान ने मोटर दुर्घटना का एक वाद निस्तारित कर एक लाख 73 हजार 142 रुपए प्रतिकर दिलाया। मुख्य न्यायाधीश परिवार न्यायालय कुसुमलता ने 38 वैवाहिक वादों का निस्तारण करते हुए छह लाख 56 हजार 84 रुपए प्रतिकर याची को दिलाया। आठ जोडों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर मिलाया गया। पंचम अपर जिला जज आशुतोष कुमार सिंह ने मोटर दुर्घटना के एक वाद का निस्तारण कर पांच लाख प्रतिकर दिलाया। अपर जिला जज एफटीसी संजय के लाल ने मोटर दुर्घटना का एक वाद निस्तारित कर एक लाख 30 हजार प्रतिकर दिलाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने 75 फौजदारी वादों का निस्तारण कर एक लाख 11 हजार 250 रुपए अर्थदण्ड वसूला।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव नम्रता शर्मा ने सिविलि का एक वाद निस्तारण करते हुए 10 लाख 63 हजार 357 रुपए का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। फौजदारी का एक वाद निस्तारित कर छह सौ रुपए अर्थदण्ड वसूला है। एसीजेएम अरुण कुमार यादव ने 33 वादों का निस्तारण कर 750 रुपए अर्थदण्ड वसूला। सिविल जज जूडि प्रवीण कुमार ने एक वाद व प्रकीर्ण के चार वादों का निस्तारण कर तीन लाख तीन हजार 356 रुपए का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। इसी क्रम में मऊ के सिविल जज सुमित कुमार ने सात फौजदारी वादों का निस्तारण कर 2950 रुपए अर्थदण्ड वसूला। राजस्व न्यायालयों ने 1145 वादों का निस्तारण करते हुए पांच लाख 98 हजार तथा भारतीय दूर संचार निगम ने दो वादों का निस्तारण कर आठ हजार 55 रुपए वसूले।

इसी क्रम में जनपद के सभी बैंकों ने 326 वादों का निसतारण कर दो करोड सात लाख रुपए सुलह समझौते के आधार पर वसूला है। इस दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत मौर्या, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री वसुंधरा श्ेार्मा आदि मौजूद रहे।