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मंदाकिनी के दोषियों की स"/>

मंदाकिनी कोमा में देख संत विचलित

चित्रकूट,

मंदाकिनी के दोषियों की सामाजिक भत्र्सना करने की योजना 

सोमवार को 1 बजे भरत घाट पर मंथन करेंगे संत व आम जन 

त्रिवेणी संगम के बगल में है भरत घाट 

चित्रकूट परिक्षेत्र की लाइफ लाइन का अस्तित्व वर्षों से खतरे में है। अधिकारी और राजनेता मंदाकिनी को अविरल बनाए रखने के लिए गाल बजाने का काम तो खूब करते हैं, पर जब उसको बचाने का नम्बर आता है तो जवाब किसी के पास नही होता। मंदाकिनी के नाम पर संघर्ष कर मंदाकिनी को सद्नीरा बनाने का संकल्प करने वाले विधायक जी भी अब मंदाकिनी के लिए मौन है। उप्र व मध्य प्रदेश में वर्षों से चल रहा सीवरेज प्लांट पूरा नही हुआ है। होटल, मंदिर, दुकानों व घरों का गंदा पानी व मलबा सीधे मंदाकिनी नदी में ही गिर रहा है, प्रशासन के साथ साधू संत मौन हैं। सरयू व पयस्वनी की जमीन को होटल मालिक लेखपालों की सहायता से लील चुके हैं। किसी भी दिन सरयू की तरह मंदाकिनी व पयस्वनी नदियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। अब ऐसे में श्री कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास जी महराज सामने आए हैं। उन्होंने 9 दिसंबर को दिन में एक बजे भरत घाट पर संतों के साथ ही आम लोगों को मंदाकिनी की करूण पुकार सुनने के लिए बुलाया है। 

सुबह 11 बजे प्रमुख द्वार के सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता ने उनहोंने कहा कि मंदाकिनी का दोषी कोई भी हो, उसको बक्शा नही जाएगा। उसकी सार्वजनिक भत्र्सना कर संघर्ष किया जाएगा। मंदाकिनी व पयस्वनी, सरयू नदी की जमीनों पर काबिज होटल व लाॅज वालों ने भले ही लेखपालों की सहायता से जमीनों में हेरफेर करके अपना उल्लू सीधा कर लिया हो, पर अब उनसे नदी की जमीन का कब्जा छुड़ाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। 

उन्होंने कहा कि मंदाकिनी पर अतिक्रमण व गंदगी डालने के दोषी हमारे बीच के कुछ संत व महंत भी हैं। सोमवार को सबके सामने बात कर उनसे गंदगी पर रोक लगाने का निवेदन किया जाएगा। 

इस दौरान इलाहाबाद विश्व विद्यालय के शोध छात्र व तालाब बचाओ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राम बाबू तिवारी ने 12 दिसंबर को बदौसा के दुबरिया में होने वाले जल संवाद नदी, नारी, नीर सम्मेलन की रूपरेखा बताते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य हमारी धरोहर नदियों को सतत व अक्षुण्य के साथ सतत नीरा रखने का है। उन्होने बदौसा में पहुंचकर इस सम्मेलन को सार्थक व सफल बनाने का आवाहन किया। इस दौरान बडत्रे हनुमान मंदिर के महंत योगेन्द्र दास सहित अन्य संत मौजूद रहे।

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