नोडल अधिकारी ने शिथिलता पर डीडी कृषि का रोका वेतन

जालौन, 

विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान जनपद के नोडल अधिकारी व परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने कड़े तेवर दिखाए। नोडल अधिकारी ने सबसे पहले कानून व्यवस्था की समीक्षा की। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बाढ़ व देर तक बारिश होने से नष्ट हुई फसलों की मूल्यांकन सूची न उपलब्ध कराने पर उप निदेशक कृषि का एक माह का वेतन रोक दिया।

एसपी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि कानून व्यवस्था ठीक है। कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी की जाती है। नोडल अधिकारी ने कहा, महिला अपराधों से संबंधित मामले लंबित न रखें। अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करें। कहा, भू-माफियाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है यह जानकारी करने के लिए हर माह तहसीलों का निरीक्षण कराएं। गोशालाओं पर रही नजर, मांगी जानकारी

गोशालाओं की जानकारी मांगने पर बताया गया कि 154 गोशालाओं में 10204 गोवंशों को रखा गया है। नोडल अधिकारी ने उप निदेशक कृषि से जानकारी मांगी कि खरीफ की फसलों के खराब होने का मूल्यांकन किया गया है उसकी सूची ग्रामवार उपलब्ध कराई जाए। इस पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनका एक माह का वेतन रोक दिया।

जिला कृषि अधिकारी से कहा, जो नमूने फेल हुए थे उन पर त्वरित कार्रवाई की जाए। आयुष्मान योजना, पेयजल परियोजनाएं, सुमंगला योजना सहित सभी योजनाओं की समीक्षा की। इस मौके पर डीएम डॉ. मन्नान अख्तर, एसपी डॉ. सतीश कुमार, सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, डीडीओ मिथलेश सचान, डीसी मनरेगा अवधेश दीक्षित, डीएसओ बीके शुक्ला, डीआइओएस भगवत पटेल, बीएसए राजेश कुमार शाही, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण अनिल कुमार शील, जिला आबकारी अधिकारी केपी यादव आदि उपस्थित रहे। एआरटीओ कार्यालय का किया निरीक्षण