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बांदा की सनोवर ने थाईलैंड में बाजी मारी

बांदा, 

इंडियन आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी द्वारा बैंकाक थाईलैंड में इंटरनेशनल कल्चरल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया जिसमें भारत के अलावा थाईलैंड मलयेशिया ताइवान आदि कई देश की प्रतियोगियों ने भाग लिया। इसमे बाँदा की सनोवर ने सीनियर ग्रूप में सेमिक्लासिकल में प्रथम स्थान प्राप्त कर बाँदा का नाम रोशन किया। सनोवर को बैंकॉक में पुरस्कार और सम्मान कथक के सुप्रसिद्ध गुरु बिरजू महाराज की नातिन सुश्री शिरंजिनी कुलकर्णी ने दिया है। 

बता दे कि उस का चयन पणजी गोआ में आयोजित 29 अप्रैल 2019 को राष्ट्रीय लेवल की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर हुआ था। सनोवर कथक नृत्य की शिक्षा अपनी मां एवम गुरु श्रद्धा निगम द्वारा ले रही है। सनोवर ने हाई स्कूल की शिक्षा सेंट मरीज़ बाँदा से प्राप्त की। दो वर्ष  कोटा में पड़ने के बाद अभी गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक कर रही है।

परिवार में संगीत एवम नृत्य की पृष्ठभूमि होने के कारण बचपन से ही सनोवर का नृत्य में रुझान था। घर मे उनकी माँ केश्रद्धा निगम कथक की कक्षाएं चलाती थी जिसमे सबको देख देख कर ही नृत्य करने लगी थी और 5 वर्ष की उम्र से ही स्टेज में नृत्य प्रस्तुति देने लगी थी। 6 वर्ष की उम्र में कालिंजर महोत्सव, संगीत नाटक अकादमी लखनऊ, जबलपुर, चित्रकूट महोत्सव और झांसी में बुन्देलखण्ड  महोत्सव आदि कई स्थान में नृत्य की प्रस्तुति दे चुकी है। सनोवर ने कथक में प्रयाग संगीत समिति से प्रभाकर किया है जिसमे सर्वोच्च अंक प्राप्त किया है, अभी कथक में प्रवीण कर रही है। इंजिनीरिंग के साथ ही साथ कथक एवम वेस्टर्न नृत्य की भी बराबर शिक्षा ग्रहण कर रही है। भविष्य में उन्हें इंजीनियर के साथ नृत्य में भी अपना मुकाम बनाना है। बैंकॉक में पुरस्कार और सम्मान कथक के सुप्रसिद्ध गुरु बिरजू महाराज की  नातिन सुश्री शिरंजिनी कुलकर्णी ने दिया है।

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