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सरकारी स्कूलों में स्वीकृत शैक्षणिक पदों के अनुरूप शिक्षकों की"/>

60 बच्चों पर उपस्थित हो 2 शिक्षक

सरकारी स्कूलों में स्वीकृत शैक्षणिक पदों के अनुरूप शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

इस प्रक्रिया में ऐसे स्कूल व शिक्षकों को चिन्हित किया है, जहां पदस्थ शिक्षकों की मिडिल, हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों में विषयमान और प्राइमरी स्कूलों में दर्ज छात्र संख्या के आधार पर स्वीकृत व आवश्यक पदों से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं अौर जहां विषयवार शिक्षकों की कमी है। अतिशेष एवं कमी वाले स्कूलों को चिन्हित कर एजुकेशन पोर्टल पर सूची पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराई गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी नीति में स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण की इस व्यवस्था के बाद तय संख्या से अधिक शिक्षक किसी भी स्कूल में पदस्थ नहीं रहेंगे। इससे अधिक शिक्षक पदस्थ होने पर संबंधित शिक्षकों का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।

युक्तियुक्तकरण के लिए 15 अप्रैल तक सभी शिक्षक व अध्यापकों की ई-पुस्तिका का अपडेशन किया गया है। एजुकेशन पोर्टल पर अतिशेष शिक्षकों की सूची 17 से 20 अप्रैल तक अपलोड की जा चुकी है। अब 30 अप्रैल तक आपत्तियों का निराकरण होना है।

पोर्टल पर अतिशेष शिक्षकों द्वारा विकल्प 1 मई से 5 मई तक प्रस्तुत किए जाएंगे। काउंसिलिंग के माध्यम से अंतिम रूप से पदस्थापना सूची ऑनलाइन पोर्टल पर 6 से 10 मई तक प्रदर्शित की जाएगी।

आरटीई के प्रावधानों के तहत प्राइमरी स्कूलों में 60 बच्चों पर 2 शिक्षक, 61 से 90 बच्चों पर 3, 91 से 120 बच्चों पर 4, 121 से 200 बच्चों पर 5, 150 से अधिक बच्चे होने पर 5 व 1 हेड मास्टर का प्रावधान है।

200 से अधिक बच्चे होने पर 1 अनुपात 40 के अनुसार हेडमास्टर को छोड़कर शिक्षक रखे जाना हैं। प्राइमरी स्कूलों के तहत सहायक शिक्षक, सहायक अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 3 को स्वीकृत पदों के अनुरूप पदस्थ किया जाएगा।



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