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जिले में चल रही पत्थर की अवैध खदानें

@आस्था गुप्ता, पन्ना 

वन एवं खनिज विभाग संरक्षक बने अवैध संचालन कर्ताओं के

जिले के पवई, शाहनगर, सलेहा तथा जिला मुख्यालय से लगे मनौर क्षेत्र मे पत्थर की अवैध खदाने चल रही है और यह खदाने छोटे मोटे स्तर पर नही व्याप्क क्षेत्र मे संचालित हो रही है जबकी वर्तमान समय मे खनिज विभाग द्वारा अधिंकाश खदाने बन्द बताई जा रही है। लेकिन चोरी छुपे यह कारोबार व्याप्क स्तर पर संचालित हो रहा है उक्त अवैध कारोबार मे रसूकदार लोग जुडे हुए है जिनके संरक्षण मे खदानो मे अवैध खनन चल रहा है।

बताया जाता है की कुछ पत्थर खदानो को विभाग द्वारा स्वीकृती दी गई है लेकिन उक्त खदाने अपने निर्धारित क्षेत्र मे न चल कर अवैध स्थानो पर संचालित हो रही है। इस संबंध मे जिले के वन तथा राजस्व एवं खनिज विभाग के अधिकारीयों को भी जानकारी है लेकिन उनके द्वारा कोई कार्यवाही नही की जाती जब कभी बहुत अधिक शिकायते होती है या समाचार पत्रो मे उक्त अवैध खनन सुर्खिया बनता है तो अधिकारी औपचारिकता करते हुए कार्यवाही करने का प्रचार प्रसार करा देते है।

क्षेत्र मे कुछ खदाने आदिवासीयों के नाम संचालित है लेकिन उक्त खदाने रसूकदार नेता/ठेकेदार ही चलाते है बिना पिटपास के धडल्ले से वाहन चलते है सर्वाधिक पहाडी क्षेत्रो का पत्थर बाहर बिहार एवं उत्तर प्रदेश भेजा जाता है पवई शाहनगर कल्दा सलेहा के जिन प्रमुख क्षेत्रो मे पत्थर खदाने संचालित हो रहे है उनमे कुठरईया, पिपरहा, जैतीपुरा, भोना, बछौन तथा सतना जिला से लगे परसमनिया पहाड़ क्षेत्र मे व्याप्क स्तर पर अवैध पत्थर खदाने संचालित की जा रही है उक्त अवैध पत्थर खदानो मे पन्ना जिला के साथ साथ सतना तथा कटनी जिले के ठेकेदार भी शामिल है। जो अवैध रूप से खदाने संचालित कर रहें है।

बताया जाता है की उक्त अवैध खदानो का पत्थर कटवाकर वैध खदानो मे रखने की व्यवस्था भी की गई है जिससे कभी प्रशासनिक कार्यवाही होने पर अवैध पत्थर माल को वैध मे तब्दील किया जा सकें। सूत्रो द्वारा बताया जा रहा है की पिपरहा क्षेत्र मे 2 सौ से अधिक पत्थर खदानो के गड्डे संचालित किये जा रहे है जिनमे से अधिकांश क्षेत्र मे यह गफलत वनो राजस्व सीमा को भी लेकर बनी हुई है।

गौरतलब है की अभी तक जिले के वरिष्ट अधिकारीयो ने वन तथा राजस्व की सीमाओं को निर्धारण नही किया है। इसके अलावा और भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है जहां अवैध उत्खनन किया जा रहा है उनमे पिपरहा के अलावा जुड़ा, मडैयन, सुर्रा, भौना, ताला, राज बधियन, छुल्हा, दहेड़ा, बूची, परेवगार, जमडा, झिरिया, सतधारा, कचौरी, पुरैना, विषानी मन्डी के पीछे, महिलवारा, महिनगुवां सरकार, बीजा खेड़ा, करोंदा, उमरिया, जावार, उचेहरी आदि।

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