< थानों में चौकीदारों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News बांदा,

थानों से सम्बद्ध ग्रामी"/>

थानों में चौकीदारों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार

बांदा,

थानों से सम्बद्ध ग्रामीण चौकीदारों के साथ नौकरों सा सलूक किया जाता है। उनसे पानी भरनेए सफाई, कृषि कार्य, पशुओं और वाहनों की धुलाई जैसा कार्य कराया जाता है। जबकि चौकीदारों से उपरोक्त निजी कार्य कराना पुलिस रेगुलेशन में स्पष्ट मना है।

यह बात सोमवार को ग्रामीण चौकीदार वेलफेयर सोसाइटी की मंडल इकाई में जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहीं। ज्ञापन में कहा गया है कि चौकीदारों को थानों में गुलामों की तरह रखा जाता है। उनसे थानाध्यक्ष घर की निजी कार्य के अलावा कृषि कार्य, वाहन व पशुओं की धुलाई आदि कार्य कराते है।

इसी तरह थानों में चौकीदारों को जबरन गश्त व नाकाबंदी करने के लिए बाध्य किया जाता है। अगर चौकीदारों के साथ कोई घटना हुई तो जिम्मेदार कौन होगा। चौकीदारों ने बताया कि उनका पुलिस रेगुलेशन के अध्याय 17 के अंतर्गत चौकीदार को गश्त व नाकाबंदी में भेजना मना है, फिर भी करने को मजबूर किया जाता है।

ज्ञापन में यह भी बताया कि उन्हें हर माह की निश्चित तारीख पर वेतन व भत्ता नहीं मिलता है। जबकि पुलिस रेगुलेशन की धारा 21 में चौकीदार को हर माह वेतन व भत्ता देने का प्रावधान है।

अन्य खबर

चर्चित खबरें