गांजे के साथ दो आरोपित गिरफ्तार किए गये

दमोह, 

कोतवाली पुलिस ने नवरात्रि के मौके पर करीब ढाई लाख रुपए की कीमत का 45 किलो गांजा जब्त किया है। आरोपित ओडिसा से गांजा लेकर दमोह पहुंचे थे और उसे अपने ग्राहकों तक पहुंचाने की फिराख में थे, लेकिन इसी बीच पुलिस को पता चला गया और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। आरोपितों का कहना है कि इस समय गांजे की अधिक डिमांड के कारण वह इतनी बड़ी खेप लेकर आए थे। पकड़े गए दोनों आरोपित जिले की ही है।

एसपी विवेक सिंह ने बताया कि कोतवाली टीआई एचआर पांडेय को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवा सवा लाख मानस पाठ के समीप मड़ाहार जाने वाले मार्ग के समीप पेड़ के पास बैठे थे, उनके पास दो बड़े सफेद रंग के बोरे हैं, जिसमें कुछ संदिग्ध सामग्री हो सकती है। सूचना के बाद टीआई श्री पांडेय अपनी टीम जिसमें एएसआई बीआर पटैल, आरक्षक मनीष, संजय पाठक, महेश यादव, राजेश, प्रदीप, साइबर सेल से सौरभ टंडन और राकेश अठ्या मौके पर पहुंचे। सभी ने घटनास्थल पर जाकर उन युवकों की तलाशी दी तो दोनों बोरों में गांजा भरा हुआ था।

एसपी श्री सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान पहले आरोपित पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते रहे, लेकिन जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने सबकुछ बता दिया। पकड़े गए आरोपितों में एक राजू पिता रामप्रसाद रैकवार निवासी हरदुआ हाथीघाट थाना तेजगढ़ और दूसरा छोटू उर्फ प्रशांत पिता दामोदर अहिवार निवासी नोहटा। आरोपितों ने बताया कि इन दिनों गांजे की डिमांड बड़ जाती है, इसलिए वह अधिक मात्रा में गांजा लेकर आए थे, ताकि अपने ग्राहकों की डिमांड को पूरा कर मुनाफा कमाया जा सके। वह ये गांजा ओडिसा से लेकर आए थे। पुलिस ने आरोपितों से गांजे के साथ तीन मोबाइल भी जब्त किए हैं। आरोपितों के खिलाफ धारा 8-20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

एसपी विवेक सिंह ने कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई पर खुशी जाहिर करते हुए टीम को बधाई दी और उन्हें 10 हजार रुपए के ईनाम की भी घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि टीम इस मामले के अंतिम छोर तक पहुंचकर मुख्य सरगनाओं को भी पकड़ने में कामयाब होती है तो उन्हें आईजी से ईनाम दिलाया जाएगा। ज्ञात हो कि दमोह में बड़े पैमाने पर गांजे का कारोबार होता है। एसपी श्री सिंह के कार्यकाल में तीन से चार बार गांजे के बड़े तस्कर पकड़े जा चुके हैं, जबकि इससे पहले गांजे की इतनी बड़ी खेप नहीं पकड़ी गईं है। अब एसपी श्री सिंह इस अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस का मनोबल बड़ा रहे हैं, ताकि मुख्य आरोपित भी पकड़े जा सकें। टीआई एचआर पांडेय ने एसपी श्री सिंह को भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले को पूरी गंभीरता से लेगें।