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शुरू होने वाला है विश्व का सबसे लंबा Cable Bridge

नई दिल्ली,

नदी, समुद्र और पहाड़ों व घाटियों पर सबसे बड़ा पुल अक्सर लोगों में कौतुहल पैदा करता है। ये आम जनजीवन को तो आसान बनाता ही है, साथ ही पर्यटन स्थल के तौर पर भी मशहूर हो जाता है। सीमावर्ती इलाकों में इनका सामरिक महत्व भी होता है।

यही वजह है कि एशिया में इन दिनों सबसे लंबा पुल बनाने की होड़ मची हुई है। खास तौर पर भारत और चीन के बीच। पिछले साल ही भारत ने एशिया का सबसे बड़ा पुल शुरू किया है। अब चीन जल्द ही दुनिया का सबसे लंबा पुल शुरू करने जा रहा है।

तीसरी सबसे लंबी नदी पर बन रहा पुल
सिन्हुआ न्यूज के अनुसार चीन में बन रहा दुनिया का सबसे लंबा केबल ब्रिज किंगशान यांग्त्जी नदी पर बनाया जा रहा है। इसका निर्माण चीन की रेलवे मेजर ब्रिज इंजीनियरिंग ग्रुप कंपनी द्वारा किया जा रहा है।

मालूम हो कि चीन की किंगशान यांग्त्जी नदी, दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी भी है। इस पर बन रहे दुनिया के सबसे लंबे केबल ब्रिज का काउंट डाउन शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि ये पुल 2020 की शुरूआत में शुरू कर लिया जाएगा। पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और फिलहाल इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सबसे लंबा ही नहीं सबसे चौड़ा भी है
चीन में बन रहे दुनिया के इस सबसे लंबे केबल पुल की कुल लंबाई 7,548 मीटर है और इसकी कुल चौड़ाई 48 मीटर है। दावा किया जा रहा है कि ये पुल न केवल दुनिया का सबसे लंबा केबल पुल है, बल्कि दुनिया का सबसे चौड़ा केबल पुल भी है।

ये पुल किंगशान यांग्त्जी नदी पर सेंट्रल चाइना के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में बनाया जा रहा है। इस पुल पर डामर डालकर सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। चीन के रेलवे मेजर ब्रिज इंजीनियरिंग ग्रुप कंपनी के अनुसार निर्माण कार्य खत्म होने के बाद ये दुनिया का सबसे लंबा केबल पुल बन जाएगा।

इस तरह से हो रहा तैयार
सिन्हुआ न्यूज के मुताबिक ये पुल दोनों तरफ से कुल 10 लेन का है। पुल बनाने के लिए नदी के दोनों किनारों पर दो ऊंची टॉवर बनाए गए हैं। उन्हीं टॉवर के सहारे पूरे पुल को केबल के जरिए तैयार किया गया है। खास बात ये है कि नदी के ऊपर पुल के झूलते हुए हिस्से में कोई लोवर बीम भी नहीं है।

लोवर बीम की जगह पुल की सड़क को आधार प्रदान करने के लिए स्टील स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया गया है। इस वजह से ये पुल तेज हवाओं और भूकंप के प्रभावों को दूर करने के लिए नदी के किनारे बने दोनों टॉवरों के बीच झूल सकता है। इससे पुल को काफी मजबूती मिलेगी।

62 साल पहले बना था दूसरा पुल
चीन ने करीब 62 वर्ष पहले किंगशान यांग्त्जी नदी पर ही एक और पुल बनाया था। ये पुल भी चीन के सबसे बड़े और व्यस्त रिवर पुल में शामिल है। चीन के अनुसार पुराने वाले पुल से इस पुल की दूरी मात्र 20 किलोमीटर है। अगले साल तक नया पुल शुरू होने के बाद पुराने पुल से यातायात का दबाव कम होगा। इससे इस इलाके की यातायात व्यवस्था में भी काफी सुधार होगा।

चीन-हांगकांग के बीच विश्व का सबसे लंबा समुद्री पुल तैयार, ये हैं दुनिया के लंबे समुद्री पुल

विश्व के अन्य सबसे लंबे
लिंगदिंग्यांग पुल

चीन के शहर जुहाई को हांगकांग और मकाऊ से जोड़ने वाला विश्व का दूसरा सबसे लंबा समुद्री पुल है। 55 किलोमीटर लंबा यह पुल पर्ल रिवर एस्चुरी के लिंगदिंग्यांग जल क्षेत्र में स्थित है। 20 अरब डॉलर (लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये) की इस परियोजना पर 2009 में काम शुरू हुआ था।

चीन ने 55 किमी लंबा समुद्री पुल बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। यह दुनिया का सबसे लंबा समुद्री पुल है। इस पुल का थोड़ा सा हिस्सा समुद्र के नीचे से होकर गुजरता है। इसके लिए समुद्र के अंदर एक टनल बनाई गई है। पुल हांगकांग को चीन के दक्षिणी शहर झूहाई और मकाउ के गैमलिंग एनक्लेव से जोड़ता है।

डोंगहाई पुल
चीन में स्थित यह पुल शंघाई और यांगशान में स्थित बंदरगाह को जोड़ता है। इसकी लंबाई 32.5 किमी है। यह 2005 में बनकर तैयार हुआ था।

हांग्जो खाड़ी पुल
यह पुल 2007 में बनकर तैयार हुआ था। यह 35.7 किमी लंबा है और यह हांग्जो खाड़ी पार करके चीन में निंग्बो और शंघाई शहर को जोड़ता है। यह केबल से बना पुल है।

किंग फहद
यह पुलों और पक्की सड़कों की एक श्रंखला है, जो सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ती है। उनकी कुल लंबाई 25 किमी है और इसका निर्माण 1986 में समाप्त हुआ था।

बांद्रा-वर्ली समुद्र लिंक
यह आठ लेन पुल है, जो मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में बांद्रा को दक्षिण मुंबई में वर्ली के साथ माहिम की खाड़ी को जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 5.6 किमी है। 2010 में यह बनकर तैयार हुआ था।

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