गोशाला के बजाय सड़कों पर घूम रहे अन्ना पशु

महोबा, 

जिले में बनाई गई गोशालाएं शोपीस बनकर रह गईं हैं। गोशालाएं तो बन गई लेकिन खानपान और देखरेख की कोई व्यवस्था न होने से अन्ना पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों में अन्ना पशुओं के कब्जा जमा लेने से यातायात व्यवस्था बाधित हो रहा है। ट्रक और बसें निकालने के लिए चालक वाहन से उतरकर डंडा लेकर अन्ना पशुओं को हटाते हैं। कई जगह चालकों को वाहन खड़ा करके पहले रास्ता बनाना पड़ता है।

गौरतलब है कि अन्ना पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने गांव-गांव में गोशालाएं बनाने के निर्देश दिए लेकिन ज्यादातर गांवों में गोशालाएं ही नहीं बनाई गईं। जिन गांवों में अस्थाई गोशालाएं बनाई भी गई हैं तो वहां अन्ना पशु नहीं है। अस्थाई गोशालाओं में चारे-भूसे की व्यवस्था न होने से रात को अन्ना पशु छोड़ दिए जाते हैं। जिससे सड़के अन्ना पशुओं से गुलजार हो जाती है।

किसानों के लिए बड़ी मुसीबत

किसानों के लिए अन्ना पशु मुसीबत बन गए हैं। दिनरात फसल की रखवाली करने के बाद भी किसान फसल नहीं बचा पा रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में अन्ना पशुओं के झुंड के झुंड घूम रहे हैं। किसानों की जरा सी चूक होने पर पल भर में खेत चट कर देते हैं। बारिश के मौसम में भी किसान खेतों में झोपड़ी बनाकर फसल की रखवाली कर रहा है। तारबाड़ी करने के बाद भी भूखे घूम रहे अन्ना पशुओं ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है।

जिला प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी अन्ना पशुओं की समस्या और बढ़ती जा रही है। अब अन्ना पशु हाईवे के अलावा शहरों के अंदर की सड़कों में भी डेरा जमाने लगे हैं। शहर की मुख्य सड़क में नेहरू इंटर कालेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज और राजकीय बालिका इंटर कालेज के छात्र-छात्राओं का अब स्कूल तक सुरक्षित पहुंचना मुश्किल हो गया है। मुख्य सड़क में जगह-जगह अन्ना जानवरों के डटे रहने से खतरा बढ़ गया है। सड़क पर ही अन्ना पशु एक-दूसरे से झगड़ा करने लगते हैं।