< गांधीजी को राष्ट्रपिता कहने वालों को उनके बारे में बोलने का अधिकार Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News दमोह, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र "/>

गांधीजी को राष्ट्रपिता कहने वालों को उनके बारे में बोलने का अधिकार

दमोह, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र कृष्ण कुमार कुलकर्णी ने कहा है कि दुनिया में तरह-तरह के इंसान हैं। सभी पॉजीटिव नहीं होते। गांधी जी को तो सभी राष्ट्रपिता मानते हैं तो उनके बारे में कुछ भी बोलने का हक उन्हें है। जब उन्हें पिता तुल्य मान लिया तो उनके बारे में बोलने का भी अधिकार बन जाता है।

नसे बापू पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों के संबंध में सवाल पूछा गया था। गांधी के प्रपौत्र यहां केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की ग्राम स्वराज पदयात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। उनसे जब पूछा गया कि ऐसा कोई पल जब उन्हें गांधी के परिजन होने के नाते सम्मान मिला हो, जिसे पाकर वह भावुक हुए हों।

इस पर उन्होंने कहा कि वह जब भी अकेले में गांधी जी के बारे में सोचते हैं और अपने देश को देखते हैं तो वह समझ पाते हैं कि उस समय गांधी ने देश के लिए जो नि:स्वार्थ भाव से किया, उसे अपने जीवन में लागू करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि गांधी जी को भगवान बनाने की जरूरत नहीं है। उनके विचारों को इंसान के रूप में स्वीकार करना होगा।

सबसे बड़े निस्वार्थ सेवक हैं पीएम मोदी : मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कुलकर्णी ने कहा कि यदि निजी जीवन में देखेंगे तो कुछ लोग निस्वार्थ सेवक मिल जाएंगे। इनमें सबसे ऊपर की श्रेणी में हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। कुलकर्णी ने कहा कि उन्होंने मोदी को बहुत करीब से देखा है, वह निस्वार्थ भाव से काम करते हैं और हम सभी का ये सौभाग्य है कि आज इस देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जो हममें से एक है और हमारी तकलीफ समझता है।

गंदगी न करें तो मोदी का सपना एक माह में हो जाएगा साकार : कुलकर्णी ने कहा कि एक सेमिनार में जब वे जापान गए तो उन्होंने वहां बहुत सफाई देखी थी। यदि यहां के लोग ये सोच लें कि आज से हम गंदगी नहीं करेंगे और जो करेंगे उसे हम खुद ही साफ करेंगे तो एक माह में यह देश साफ हो जाएगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना साकार हो जाएगा।

अन्य खबर

चर्चित खबरें