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22 अगस्त तक पूर्ण करायें कन्या सुमंगला योजना: डीएम

@राजकुमार याज्ञिक, चित्रकूट

बैठक कर संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश

जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में कन्या सुमंगला योजना से संबंधित अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना अप्रैल 2019 से लागू की गई है। योजना के तहत सरकार द्वारा बेटियों कें जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक कुल 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जायेगी। इस योजना का लाभ दो बच्चों वाले परिवार को प्राप्त होगा। यदि दूसरे प्रसव में जुड़वा बेटियां जन्म लेती है तो तीनों बेटियों को लाभान्वित किया जायेगा।

इस योजना को 6 प्रकार की श्रेणियों में लागू किया गया है। जिसमें बालिका के जन्म होने पर दो हजार रूपये एक मुश्त तथा जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक है। इसके बाद बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त एक हजार रूपये तथा टीकाकरण से संबंधित प्रमाण पत्र, कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश करने के उपरान्त दो हजार रूपये व कक्षा एक में प्रवेश संबंधी प्रमाण, कक्षा 6 में बालिका के प्रवेश करने के उपरान्त दो हजार रूपये व कक्षा 6 में प्रवेश संबंधी प्रमाण, कक्षा 9 में बालिका के प्रवेश करने के उपरान्त तीन हजार रूपये व कक्षा 9 में प्रवेश संबधी प्रमाण तथा बालिका द्वारा बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त स्नातक तथा दो वर्षीय या अधिक के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो उसे 5 हजार रूप्ये एकमुश्त तथा स्नातक या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश संबंधी प्रमाण देना आवश्यक होगा। इस योजना में लाभार्थी का परिवार उ.प्र. का निवासी हो उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र या राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, विद्युत, टेलीफोन का बिल मान्य है।

लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिक तीन लाख रूपये हो, परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकाएं ही होती हैं तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप में गोद ली गई संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बालिकाएं इस योजना की लाभार्थी होंगी।

इस योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया में प्राथमिक रूप से आवेदन आनलाइन के माध्यम से स्वीकार किये जायेंगे। यद्यपि ऐसे जो आनलाइन माध्यम से आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं वह अपने आवेदन आफ लाइन माध्यम से भी खण्ड विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी रामबाबू विश्वकर्मा ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना के क्रियान्वयन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, सूचना विभाग, नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास व राजस्व विभाग को शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना से संबंधित जो विभाग हैं वह प्राथमिकता के आधार पर कार्य करायें। यह योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकता की योजना है। 22 अगस्त तक प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत कार्य पूर्ण हो जाये, क्योंकि इस योजना का शुभारम्भ 23 अगस्त को मुख्यमंत्री द्वारा किया जायेगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रतिदिन इसकी रिर्पोट उपलब्ध करायें। ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी व शहर में उप जिलाधिकारी इसकी मानीटरिंग करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. महेन्द्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी कर्वी इन्दु प्रकाश, मऊ रमेश कुमार, मानिकपुर संगमलाल, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रकाश सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
 

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