ग्राम ईटवॉ की शिक्षा व्यवस्था चौपट, शाला में लगा रहता है ताला 

@आस्था गुप्ता, पन्ना 

मामला गुनौर विकासखण्ड गुनौर अन्तर्गत सलेहा क्षेत्र के ग्राम ईटवॉ की माध्यमिक शाला का है, आए दिन शाला बंद रहती है, जबकि मा.शा. में 8 छात्र दर्ज है और प्राथमिक खण्ड में 24 छात्र दर्ज है। शाला की प्रधानअध्यापिका गुलाब वर्मा है, और इनके साथ अन्य कार्यरत सहकर्मी स्टाफ जिनमें मुरलीधर गर्ग, ओमप्रकाश द्विवेदी, रामनारायण कोल, सियाराम चौधरी पदस्थ है, सभी तू चल में आया कि पद्धति से शाला में जमकर मौज उड़ा रहे है।

बच्चों कि परवाह अब मुख्यमंत्री कमलनाथ या विधायक शिवदयाल बागरी स्वयं करें। कार्यरत शिक्षकों को अपने वेतन भत्ते व मानदेय भुगतान का निपटारा समय पर चाहिए, किन्तु पदीय दायित्वों के निर्वाहन में इनको कोई दिलचस्पी नहीं जिस वजह से शाला में छात्रों की उपस्थिति अति न्यून रहती है और जो बच्चे शेष बचे है वह भी अपनी टी.सी. कटाकर प्राइवेट विद्यालयों की ओर रूख कर रहे है। समस्या अति गंभीर है किन्तु प्रशासन मौन है, बच्चे भी बिना ज्ञान के मौन है। अब जब शाला ही आए दिन बंद रहती है नो मध्यान्ह भोजन का हाल भी निराला ही होगा, जिससे बच्चे कुपोषित से नजर आ रहे है।

संवाददाता विजय व्यास ने ग्रामीणों की शिकायत पर जब मामले की पड़ताल की तो शाला दोपहर 1 बजे बंद हो चुकी थी और विद्यालय में ताला लगा पाया गया। उक्त प्रकरण में ग्रामीणों ने कार्यरत शिक्षकों के विरूद्ध अपने बच्चों का भविष्य खराब करने का दोषी मानते हुए, दोषी शिक्षकों के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की मॉग करते हुए इनकी जगह पर राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित शिक्षकों की भी मॉंग की है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जांच-जांच का खेल अब विधायक शिवदयाल के राज में नहीं चलने वाला, जो भी आए या रहे उसे हर हाल में बच्चों के प्रति समर्पित भाव से अध्यापन कार्य करना ही होगा।