रॉयल्टी की कीमत बढ़ने से नाराज ट्रक संचालकों ने किया प्रदर्शन

सरकार की गलत खनिज नीति के चलते रॉयल्टी की कीमत बढ़ जाने से ट्रांसपोर्टरों का धंधा बंदी की कगार पर पहुंच गया है। इससे नाराज ट्रक एसोसिएशन ने प्रदर्शन कर रॉयल्टी की बढ़ती कीमतों का विरोध जताते हुए जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी को ज्ञापन सौंपा और रॉयल्टी की कीमत समान किए जाने की मांग की।

ज्ञापन में रॉयल्टी की दर सरकार द्वार निर्धारित मूल्य पर दिए जाने पर भी जोर दिया। पत्थर मंडी कबरई में रॉयल्टी की कीमत 600 रुपये प्रति घनमीटर चल रही है जबकि पड़ोसी मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर में 102 रुपये प्रति घन मीटर रॉयल्टी की कीमत है। जिससे पत्थर मंडी के बजाय ज्यादातर ट्रक मध्य प्रदेश में जाने लगे हैं। इससे यहां का पत्थर कारोबार ठप होता जा रहा है। ट्रक संचालकों को रॉयल्टी महंगी होने के कारण माल भी महंगा मिल रहा है। जिससे ट्रकों के पहिये जाम हो गए हैं। ट्रक संचालक महंगा माल नहीं ले जा पा रहे हैं। जिससे उनकी ट्रकों की किस्तें तक जमा नहीं हो पा रही है। तमाम ट्रक चालकों का परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है।

ज्ञापन में बताया कि ट्रकों की भार क्षमता के अनुरूप रॉयल्टी दी जाए। साथ ही झांसी और मध्यप्रदेश में चल रहे ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ या तो कार्रवाई की जाए या फिर पत्थर मंडी कबरई में भी ओवरलोड चलने की छूट दी जाए। मध्यप्रदेश में ओवरलोडिंग चलने के कारण लखनऊ, कानपुर से कबरई मंडी आने वाली गाड़ियां खड़ी रहती हैं। ज्ञापन में सभी ट्रक संचालकों के साथ समान नीति अपनाए जाने की बात की। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह, भाजपा नेता शिवम सिंह, उपाध्यक्ष अरशद मुकीम, महामंत्री इश्तयाक उद्दीन, जुबेर अहमद, कौशलेंद्र आदि मौजूद रहे।