बुन्देलखण्ड चर्चा के दूसर"/>

हमे गर्व है कि हमारे सांसद पूरे देश में नम्बर 1 है लेकिन हमे पीने का पानी मिल जाता तो खुशी अधिक होती

बुन्देलखण्ड चर्चा के दूसरे पड़ाव में आज 900 किमी की यात्रा के बाद बुन्देलखण्ड न्यूज एंड बुन्देलखण्ड कनेक्ट की हमारी टीम पहुंची कटरा (कालिंजर) गाँव । ये वही गाँव है जिसे बांदा चित्रकूट के सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2014 में गोद लिया था । जी हां वही कटरा गाँव जिसके ठीक पीछे कालिंजर का ऐतिहासिक किला बना हुआ है । अगर पर्यटन के लिहाज से बात करें तो बुन्देलखण्ड का वो हिस्सा जो अकेले क्षेत्र के विकास के लिए सारे द्वार खोल सकता है ।   

बहरहाल कटरा (कालिंजर) गाँव जिसे कुछ ही महीने में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए तीन वर्ष पूरे हो जायेंगे । आजादी के 70 वर्ष बाद भी अगर आज कुछ नही बदला तो वो था मूलभूत सुविधाओं की आस में आज भी टक-टकी लगाए बैठे ग्रामीण । लोगो का कहना था कि हमे बहुत खुशी हुई थी ये सुनकर की सांसद जी ने इस गाँव को गोद लिया है लेकिन अभी तक हाल वैसे ही जैसे पहले थे । कटरा गाँव में सबसे ज्यादा पानी की समस्या देखने को मिली। लोगो का कहना था कि हमें पीने के पानी की बहुत समस्या है। गांव में कुछ ही नल हैं जिन्हें घण्टो चलाने पर ही पानी निकलता है। पानी की समस्या पर गाँव की महिलाएं ज्यादा दुखी आक्रोशित दिखी।
 
उनका कहना था कि हमें सिर्फ पानी और बिजली चाहिए । सभी को यह जानकर खुशी हुई की सांसद जी लोकसभा में उपस्थिति और सक्रियता के मामले में देश के नम्बर 1 सांसद हैं । गाँव वालों की खुशी भी जायज है क्योंकि सांसद जी ने तो उनके गाँव को गोद ले रखा है उसके विकास के लिए। गाँव वालों ने बताया कि यहाँ बिजली की भी काफी समस्या है । बिजली खंभो में तो रहती है लेकिन बहुत से घरों में नही है। गांव वालों की मानें तो वोल्टेज कम रहता है ।
 
उनका कहना था कि यहां आने वाली तमाम योजनायों का सही तरीके से क्रियान्वयन नही किया जाता । जो पात्र होता है उसे योजना का लाभ नही मिलता और जिसके पास सब कुछ है उसे दे दिया जाता है । गाँव वालों से हमने जब शौचालय के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि कहीं कहीं है लेकिन हम तो बाहर ही शौच के लिए जाते हैं । कुछ महिलाओं का कहना था कि जिन्हें मिलना चाहिए था उन्हें नही मिला ।
 
गाँव में समस्यायों का तो अम्बार लगा था लेकिन काफी कुछ सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई । गाँव के युवाओं का कहना था कि हमे अभी भी आशा है कि काम होगा क्योंकि योगी सरकार आ गई है । बस हमारी एक ही मांग है कि यहाँ की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाये । गाँव के बुजुर्गों का कहना था कि अगर बुन्देलखण्ड राज्य बन जाये तो हमारे गाँव का बहुत विकास होगा लेकिन अभी तो हम सिर्फ उम्मीद कर सकते हैं । आखिरकार अलग राज्य के दर्जे के लिए काम तो सरकार को ही करना है ।
 
"आदर्श गांव में हमने बहुत कुछ किया है और आने वाले समय में और ज्यादा करना है । हाँ पानी और बिजली की व्यवस्था का सुधार गाँव में आवश्यक है जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जायेगा।"
- भैरों प्रसाद मिश्रा, सांसद बाँदा-चित्रकूट


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