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सडक़ों पर खुले घूमते मिले गौवंश तो होगी कार्यवाही : डीएम

गौवंश को लावारिश छोडऩे वाले पशु पालकों पर भी होगी कार्यवाही : जिलाधिकारी की अध्यक्षता में को कलैक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सभी उपजिलाधिकारीयों से अपने अपने तहसील क्षेत्र में संरक्षित गौवंश के बारे में पूछा तो गौवंश स्थल बार सभी उपजिलाधिकारी ने संरक्षित गौवंश के बारे में बताया जिसकी कुल संख्या लगभग 16000 बतायी गई।

उपजिलाधिकारी तालबेहट को बार मंडी में गौवंश संरक्षण के बारे में वहाँ की स्थिति पता लगाकर अवगत कराने हेतु निर्देशित किया। इस समय जो गौवंश सडक़ पर दिखायी दे रहा हैै उसके बारे में जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी सदर से सभी थाना प्रभारियों को उस पर निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया तथा सभी उपजिलाधिकारियों को लेखपालो के माध्यम से यह सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया कि यदि किसी गांव के सामने सडक़ पर यदि कोई भी पशु घूमता हुआ पाया जाता है तो संबंधित ग्राम प्रधान के विरूद कार्यवाही की जाय।
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत केा निर्देश दिए गए कि कांजी हाउस का प्रयोग पालतू पशु छोडने पर उनको बंधक बनाकर किया जाय तथा पशुमालिक से जुर्माना बसूली भी की जाय।

गौसंरक्षण की जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन की समीक्षा बैठक संपन्न :  इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र में अधिशाषी अधिकारी दूध निकाल कर छुट्टा छोडऩे वाले गोवंश को पकड़ कर जुर्माना वसूल ने की कार्यवाही करें। तहसीलदार तालबेहट ने गौवंश आश्रय स्थल दुधवा पुलवारा में जनरेटर के कम पावर होने के कारण काम नही करने के बारे में जब बताया तो जिलाधिकारी ने सीएलडीएफ के अधिशाषी अभियन्ता रामेश्वर प्रसाद को इसको तुरन्त ठीक कराने हेतु निर्देशित किया। गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की टैगिंग व बधियाकरण के बारे में जब पूॅछा गया तो मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अवगत कराया कि पहले से संरक्षित गोवंश की लगभग 90 प्रतिशत टैगिंग व नर गोवंश का बधियाकरण कर दिया गया है।

अभी जो नये गोवंश संरक्षित किए जा रहे है उनका टैगिंग व बधियाकरण किया जा रहा हैं। जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत टैगिंग व बधियाकरण कराने हेतु मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने सदन को अवगत कराया कि निराश्रित/बेसहारा गोवंश को इच्छुक कृषकों, पशुपालको, अन्य व्यक्तियों को सुपुर्द करने हेतु शासनादेश सं0 3256/सैंतीस-2-2019-30(4)/2019 पशुधन अनुभाग-2, 08 अगस्त 2019 कर दिया गया है। इसके अन्तर्गत अस्थाई/स्थाई गोवंश आश्रय स्थलों से गोवंश की सुपुर्दगी की जाएगी। एक व्यक्ति अधिकतम 4 गोवंश ले सकता है।

उसको प्रति गोवंश 900 प्रति माह के हिसाब से धनराशि उसके खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। ऐसे गोवंश को पशुपालक न बेंच सकेगा तथा नही सडक़ पर छुटटा छोड सकेगा। जिलाधिकारी ने ऐसे इच्छुक पशुपालकों, व्यक्तियों की सूची तीन दिन बाद आयोजित की जाने वाले बैठक में लाने हेतु सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, परियोजना निदेशक व अन्य समिति के सदस्य उपस्थित रहें। 

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