मेरी छत, मेरा पानी का लोगों को बताए महत्व: डीएम

भूजल सप्ताह दिवस पर संरक्षण, संचयन पर हुई चर्चा, पुरस्कृत हुए प्रतिभागी छात्र-छात्रायें :  जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भूजल सप्ताह दिवस का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि भूगर्भ जल 75 प्रतिशत है, किन्तु पीने योग्य जल केवल तीन प्रतिशत है। इसलिए भूगर्भ जल को बढ़ाने को अभी से कार्यवाही करनी होगी।

जिसके तहत जनपद में मेरा छत मेरा पानी अभियान शुरू किया गया है। जिसके अंतर्गत जल संचयन, संरक्षण एवं संवर्द्धन को जन-जन को जागरूक करना होगा और जल संरक्षण कैसे किया जाए, इसके सम्बन्ध में लोगों में जागरूकता पैदा करनी होगी। उन्हें बताना होगा कि अपनी छतों को साफ-सुथरा बनाकर तथा पूरी छत का पानी एक स्थान से नीचे लाने का कार्य पाइप के माध्यम से करना होगा और उस पानी को फिल्टर के माध्यम से साफ कर उसका उपयोग करना होगा तथा उसे किसी फेल बोर या सूखे कुओं, बावरियों में डालना होगा।

जिससे भूगर्भ जल स्तर बढ़ाया जा सके और पीने योग्य पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसी प्रकार ग्राम का पानी ग्राम में एकत्र करने को कारगर कदम उठाते हुए ग्राम के तालाबों तथा पोखरों में एकत्र करना होगा। इससे भी भूगर्भ जल स्तर बढ़ता है। इसके साथ ही खेत का पानी खेत में रखने को मेड़बंदी का कार्य करना होगा तथा चेकडैमों का निर्माण भी कराया जाना आवश्यक है।

गुरूजनों द्वारा स्कूलों में प्रार्थना के उपरान्त बच्चों को संस्मरण सुनाकर पानी बचाने की प्रवृत्ति सिखानी होगी। जिससे अनावश्यक बर्बाद होने वाले जल को बर्बाद होने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार के हर व्यक्ति को एक पेड़ लगाना है और उसे पेड़ बनाने तक उसकी देखभाल करनी है। जैसे वह अपने बच्चोें की करता है, क्योंकि वृक्ष वर्षा कराने में सहायक होते हैं और मनुष्य के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यों में उपयोग मंे आते हैं। इससे वातावरण भी प्रदूषित होने से बचता है। जल संरक्षण को मेरी छत मेरा पानी अभियान को जन-जन तक पहुॅंचाकर इसके महत्व को समझाना होगा।

मुख्य विकास अधिकारी डा. महेन्द्र कुमार ने कहा कि वर्षा जल को संग्रह कर भूजल स्तर को बढ़ाना है। तभी जीवन सुरक्षित रहेगा। अन्यथा जल नहीं तो जीवन नहीं, जल ही जीवन है। इसलिए सभी को चाहें वह शहर अथवा ग्रामीण क्षेत्र के वासी हैं जल संचयन, संरक्षण तथा संवद्ध्र्रन के लिए प्रधानमंत्री के बताये गये उपायों को अपनाना होगा।

तभी इस क्षेत्र में कामयाबी और जल संरक्षण कर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ा सकेगें। इस अवसर पर माध्यमिक, पूर्व माध्यमिक, प्राइमरी विद्यालयों में स्लोगन तथा निबन्ध प्रतियोगिताएं भूजल सप्ताह के मध्य कराई गई थी। जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति प्रमाण पत्र तथा ट्राफी देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अभियंता लघु सिंचाई सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।