< जन सुनवाई बनी मजाक जम कर हुआ हंगामा तीन लोग गिरफ्तार Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News किसानो ने बात नही सुनने के लगाये आरोप : जिल"/>

जन सुनवाई बनी मजाक जम कर हुआ हंगामा तीन लोग गिरफ्तार

किसानो ने बात नही सुनने के लगाये आरोप : जिले के अमानगंज तहसील अन्तर्गत देवरा ग्राम के पास जे.के. सीमेन्ट कम्पनी द्वारा नया प्लान्ट लगाने की कार्यवाही की जा रही है जिसमे आस पास के क्षेत्रो की हजारो एकड जमीन खरीदी गई तथा जमीन खरीदने के बाद आगे की प्रक्रिया प्रारभं की जानी है इसके लिए शासन प्रशासन की गाईड लाईन अनुसार पर्यावरणीय जन सुनवाई आयोजित की गई जिसमे पर्यावरण विभाग के अधिकारी तथा जिला प्रशासन की ओर से एडीएम व्ही एस धुर्वे, एसडीएम गुनौर भूपेन्द्र रावत तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहें।

दलालो तथा बिचोलियों से नाराज थे किसान : जन सुनवाई का उद्देश्य क्षेत्र के लोगो की क्या समस्याए है तथा उक्त जेके सीमेन्ट प्लान्ट के लगने से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पडेगा। इसके लिए आम लोगो के सुझाव लेने के लिए यह जन सुनवाई आयोजित की गई थी लेकिन उक्त जन सुनवाई मे जेके सीमेन्ट के प्रबंधन द्वारा इस प्रकार से माहौल तैयार किया गया की लोग अपनी बात नही कह पाए जिसके लिए भारी मात्रा मे पुलिस बल तैनात किया गया था।

और लोगो की बातो को संबंधित अधिकारीयां के पास पहुचाने का अवसर ही नही मिला क्योकी जिस प्रकार से पूर्व नियोजित की तरह बातावरण बनाया गया था उससे क्षेत्र के लोग भयभीत थे तथा अपनी बात नही कह पा रहे थे क्योकी पूर्व मे ही जेके सीमेन्ट प्रबंधंन के अधिकारीयों द्वारा दलालो तथा बिचोलियों के माध्यम से जमीने खरीदी थी और उक्त प्रबंधन के अधिकारीयां के पोल खुलने का डर था।

प्रशासनिक अधिकारीयां को भी किया गया गुमराह : इस दौरान अनेक किसान अपनी बात रखने के लिए जा रहे थे लेकिन पुलिस द्वारा उन्हे रोका गया जिससे भारी हंगामा हुआ तथा पुलिस ने तीन लोगो को धारा 151 के तहत गिरफ्तार करके एसडीएम न्यायालय भेजा गया। लेकिन जिस प्रकार से यह जन सुनवाई की कार्यवाही संपन्न कराई गई उसे क्षेत्र के किसान तथा आम लोग उचित नही मान रहे और उनका कहना है की हमारी बात संबंधित अधिकारीयां द्वारा नही सुनी गई। और इससे क्षेत्र के लोगो और किसानो के अधिकारो का हनन हुआ और उनकी आवज दवाने का प्रयास किया गया।

उन्होने उक्त जन सुनवाई मे यह भी आरोप लगाया की जितने अधिक किसान उपस्थित नही थे उससे अधिक पुलिस बल तैनात था और पुलिस के द्वारा किसानो को बात करने तथा बोलने का भी मौका नही दिया गया जो सीमेन्ट प्रबंधन के खिलाफ बोलता था उसे धमकाया भी जा रहा था। ज्ञात हो की जेके सीमेन्ट प्रबंधन के अधिकारीयां द्वारा पूर्व मे किसानो के साथ ज्यादातियां की गई थी। उक्त बाते भी किसान समिति के समक्ष रखना चाहते थे लेकिन उन्हे अवसर नही दिया गया। क्षेत्र के किसानो ने जिला प्रशासन तथा मध्य प्रदेश शासन से पुनः जन सुनवाई कराने की मांग की है।

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