बांदा में एक हफ्ते में पांच किसानों ने दी जान

बुंदेलखंड के जनपद बांदा में बैंकों द्वारा कर्ज वसूली के नोटिस व साहूकारों के कर्ज से परेशान किसान मौत को गले लगा रहे है। जिले में एक सप्ताह के भीतर पांच किसानों ने आत्महत्या कर ली। इन घटनाओं से लगता है जैसे बांदा महाराष्ट्र का विदर्भ बन रहा है। ताजा मामला शहर कोतवाली अंतर्गत ग्राम ब्रह्माडेरा का है। जहां बुधवार को किसान ने पेड़ में लटक कर फांसी लगा ली।

घटना के बारे में कोतवाली प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि ब्रह्मा डेरा गांव में रामकिशोर निषाद (57) ने बुधवार को सवेरे अपने ही खेत में लगे बबूल के पेड़ में लटक कर फांसी लगा ली। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

वहीं उसके पुत्र रामकरन ने बताया कि मृतक पर पांच लाख कर्ज था। आए दिन बैंक से नोटिस आ रही थी, इसके कारण उसने यह कदम उठाया। उसने बताया कि पिता इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की कालूकुआं व छोटी बाजार शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज ले रखा था और गांव के साहूकारों से साठ हजार कर्ज ले रखा था।

उल्लेखनीय है कि 2 दिन पहले नरैनी क्षेत्र के मुगौरा गांव में लाला (65) ने गांव के बाहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रविवार को शहर में बैंक की नोटिस आने पर धनीराम साहू ने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर मौत को गले लगा लिया था। मंगलवार को नरैनी क्षेत्र के पिपरगवां गांव में राजेंद्र प्रसाद (38) ने जान गवा दी। इसके ऊपर 80,000 का कर्ज था। इसी तरह बबेरू क्षेत्र में भी इसी सप्ताह एक किसान ने आत्महत्या की है।