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ग्राम पंचायत भवन में बनायें रुफ टाप रेन वाटर सिस्टम: डीएम

मेरी छत, मेरा पानी अभियान के तहत कार्यशाला में हुई चर्चा : विकलांग विश्व विद्यालय के सभागार में मेरी छत मेरा पानी अभियान के अन्तर्गत वर्षा जल संरक्षण, संचयन एवं संवर्द्धन के संबंध में ग्राम प्रधानों के साथ कार्यशाला सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने कहा कि जल जीवन का मूल आधार है। जल के बिना जीवन सम्भव नही है।

जल संचयन पोस्टर का स्वामी सरस्वती ने किया अनावरण : प्रधानमंत्री ने जल संचयन, संरक्षण एवं संवर्द्धन को मुहिम चलाई है। जिसे सफल बनाना है। कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानों का सहयोग आपेक्षित है। खेत का पानी खेत में गांव का पानी गांव में इसके लिये किसानों को मेड़बन्दी तथा गांव के पानी को गांव के तालाबो में एकत्र करना, सूखे कुओं, बावलियों में भी वर्षा जल डालकर पुनर्जीवित किया जाना बहुत जरुरी है। इसके साथ ही चेकडेम, बन्धा, खेत, तालाब योजना के अन्दर इन्हें बनाकर इनको वर्षा जल से भरवाया जाए। कहा कि यदि प्रधान ठान लेगा तो ग्राम चमक जायेगा और जल संरक्षण के कार्य में मन से लग जायेँ तो यह अभियान पूर्ण रुप से सफल होगा।

जितने प्रधान हैं वह अपनी छतों के पानी का संरक्षण करें और जब वह यह कार्य करेंगे तो अन्य ग्रामवासी भी इस कार्य को करेंगे। ग्राम पंचायत भवन पर भी रुफ टाप रैन वाटर सिस्टम बना लें। ग्राम में जितने हैण्डपम्प है उनमें सोख पिट बनवा दें। क्षारोपण में प्रत्येक प्रधान कम से कम सौ वृक्ष लगायें। मंदाकिनी नदी के किनारे वाले 19 गांव बरसात बाद मंदाकिनी में अविरल धारा बहने के लिए मनरेगा से खुदाई कराये और जल श्रोतों को नदी में लाकर इसे पुर्नजीवित कराने में अपना सहयोग प्रदान करें।

किसी प्रकार की भ्रष्टाचारी न हो। अन्यथा कठोर कार्यवाही होगी। अधूरे शौचालय अविलम्ब पूर्ण करायें। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा कि जल का संकट वर्तमान में होने लगा है। टैंकरों से पानी ग्रामों में भेजना पड़ रहा है। इसलिए ग्रामवासियों को सचेत होकर जल संचयन, संरक्षण एवं सवर्द्धन के उपायों को अपनाना होगा। जल जीवन के लिए अमूल्य निधि है। इसे बचाना कर्तव्य है। भारत में पीने लायक पानी चार प्रतिशत शेष है। इसलिए इसके संरक्षण, संचयन की जरूरत है। सदर विधायक चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। पानी की कमी को पूरा विश्व मानने लगा है। इसके संचयन, संरक्षण, संवर्द्धन के उपायों को अपनाकर जल स्तर को बढ़ाने का हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सभी लोग घरों में रेन वाटर रिचार्जिंग के लिए उपाय करें। कार्यशाला में बंगलौर से आए स्वामी सरस्वती जी महाराज, मुख्य विकास अधिकारी डा. महेन्द्र कुमार, आर्थिक सलाहकार विकास सिंह, तकनीकी अधिकारी राजपाल सिंह आदि ने जल बचाने के उपायों को बताया। जल संचयन सम्बन्धी पोस्टर का स्वामी जी ने अनावरण किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त एनआरएलएम राम उदरेज यादव, विधायक प्रतिनिधि जयविजय सिंह, सांसद प्रतिनिधि शक्ति सिंह तोमर सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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