ससुर की हत्या के मामले में बहू को उम्र कैद की सजा सुनाई

दो साल पहले ससुर की हत्या के मामले में अदालत ने बहू को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने बहू को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है। कोतवाली चरखारी के ग्राम गोरखा निवासी विश्वनाथ के बेटे बृजेंद्र की पांच साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद ममता तीन बच्चों के साथ गांव में ही सास-ससुर के साथ रह रही थी।

14 मई 2017 को विश्वनाथ घर के दरवाजे पर चारपाई में सो रहा था। तभी बहू ममता ने रात को करीब एक बजे ससुर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी और चीख-चीखकर कहने लगी कि यह मेरे पति को खा गया है। 15 मई को सुबह 6 बजे मृतक की पत्नी शोभारानी ने बहू ममता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने आला कत्ल कुल्हाड़ी के साथ बहू को गिरफ्तार कर लिया था। जनपद न्यायाधीश महताब अहमद ने मुकदमे की सुनवाई की। इस मुकदमे में ममता की सास शोभा रानी सहित सभी गवाह मुकर गए थे लेकिन अदालत ने ममता के पास से बरामद किए गए आला कत्ल और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद ममता को हत्या का दोषी ठहराया।

जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल और शासकीय अधिवक्ता केशव राजपूत ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।