पानी से भरी खेत की बंधी में नहाने गए, भाई-बहन की हुई मौत

ग्राम दूधई के मजरा इमलाखेरा में बरसात के पानी से भरी खेत की बंधी में नहाने गए सगे भाई-बहन की पानी में डूबने से मौत हो गई। मजरा इमलाखेरा निवासी सुजान यादव के घर का इकलौता चिराग 12 वर्षीय सचिन अपनी आठ वर्षीय बहन शिवानी के साथ बरसात के पानी में नहाने निकला था।  

नहाते-नहाते वह दोनों घर के थोड़ा आगे ही स्थित एक खेत की बंधी में उतर गए। बंधी के पानी के भराव वाले क्षेत्र में डूब जाने से शिवानी की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि सचिन अचेत हो गया। जानकारी मिलने पर लोगों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक शिवानी की सांस थम चुकी थी, सचिन की सांसें चल रहीं थीं और परिजन उसके बचने की उम्मीद मेंउसे लेकर पाली के निजी चिकित्सक के पास पहुंचे। इसके बाद उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ऐसे ही मौकों पर खलती अस्पताल की कमी : कस्बे में कोई भी सर्वसुविधायुक्त अस्पताल नहीं है। लगातार सीएचसी की मांग चल रही है। बावजूद प्रस्तावित अस्पताल अब तक धरातल पर नहीं उतर पाया। अब तक ऐसे सैकड़ों मामले सामने आए जब लोगों को लगा कि पाली में अस्पताल  होता तो शायद इनकी जान बच सकती थी।

क्योंकि, जिला चिकित्सालय तक पहुंचने में काफी वक्त बर्बाद हो जाता है। सुजान के इकलौते चिराग की सांसें अटकी हुई थीं, पाली में इलाज नहीं मिला। जब तक जिला चिकित्सालय में पहुंचे तब तक काफी देर हो गई थी। बच्चे खेत की बंधी में नहा रहे थे। इसमें एक की मौके पर तो दूसरे को जिला चिकित्सालय में मृत घोषित किया गया । पाली तहसीलदार को मौके पर भेजा गया लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही मासूम मृतकों  का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।