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महिला किसानो को श्रीविधि से धान की खेती करने का प्रशिक्षण दिया

विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना द्वारा श्री विधि से खेती करने हेतु प्रशिक्षकों का की टीओटी कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया गया, कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने हेतु सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। उसी क्रम में आज आजीविका मिशन से जुड़े हुए महिला किसान को कृषि से संबंधित नई विधियों का उपयोग कर अपनी उपज को बढ़ा सकते हैं जिसमें श्री विधि से धान की खेती एक नई तकनीक है इसके उपयोग से ऊपज 2 से ढाई गुना बढ़ जाती है ।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया श्री विधि से खेती करने पर परंपरागत विधि की अपेक्षा बीज की मात्रा कम लगती है और पानी भी कम लगता है और उपज अधिक होती है, बुंदेलखंड में पानी की समस्या को देखते हुए कम पानी में पैदा होने वाली फसलों की तरफ प्रेरित करना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय से आए डॉक्टर जुगल किशोर तिवारी ने बताया कि पहले मृदा परीक्षण कराना अति आवश्यक है जिसे खेत के पोषक तत्वों के बारे में पता चल जाता है और उसी के हिसाब से किसान आवश्यक पोषक तत्वों को खेत में डालने का कार्य करता है।

कृषि विज्ञान केंद्र से आए डॉ निखिल कुमार सिंह ने बताया श्री विधि से ढाई से तीन गुना उपज होती है समय-समय पर इसको निराई, गुड़ाई कोनोबीडर के माध्यम से की जाती है साथ ही इस में ध्यान देने वाली आवश्यक बातें कि जिसमें नर्सरी की तैयारी, खेत की तैयारी एवं पौध लगाने हेतु खेत में मार्कर से चिन्ह बना लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि धान का बीज का चुनाव करके बीज शोधन करना चाहिए, जिसको 10 किलो ग्राम पानी में 200 ग्राम नमक डालकर उसमे बीजों को डाल देना चाहिए, पानी के ऊपर तैरता हुआ जो बीज है उसको अलग कर देना चाहिए जो पानी के निचली सतह पर जमा हो उसको बोरे में लपेट कर छाया में रख दे, ओर उसमे  बैबेस्टीन नामक फफूंदी नाशक मिला देना चाहिए।

नर्सरी की तैयारी के लिए  जमीन से 6 इंच ऊंची नर्सरी बीज की मात्रा को देखते हुए तैयार करना चाहिए बेड जिसमें सभी गोबर की खाद को डालते हुए नर्सरी तैयार करना चाहिए ।नर्सरी में तैयार 10 से 15 दिन के पौधे  दो पत्ती दार पौधे को रोपना चाहिए रोपाई के समय खेत में अधिक पानी नहीं भरा होना चाहिए,पौधा लगाने के 15 दिन,10 दिन, 20 दिन, 30 दिन एवं 40 दिन में कोनोबिदीर के माध्यम से निराई करनी चाहिए। कार्यक्रम मे डिप्टी कमिश्नर कृष्ण करुणा कर पांडेय में  बताया कि विकासखंड नरैनी 100, बड़ोखर 100, महुआ 100, बबेरू100 एवं बिसंडा 100 महिला किसानों को कृषि सखी, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन एवं स्टाफ के द्वारा 30 जून तक 600 महीना किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इसकी कार्ययोजना प्रशिक्षण के दौरान बनवाई गई। ब्लॉक स्तर पर कृषि विभाग के साथ समन्वय कर सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रम में जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान, राकेश सोनकर, डिस्टिक रिसोर्स पर्सन कमल मिश्रा, डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन हनीफ खान, ब्लॉक से हिमांशु, आशीष, अरविंद, धीरेंद्र, विकास, प्रभात एवं यंग प्रोफेशनल मोहन वाईपी अनिल उपस्थित रहे

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