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गांव में हैड कांस्टेबल टैंकर लगवाकर ग्रामीणों की बुझा रहा प्यास

जैतपुर ब्लॉक के लमौरा गांव के कुएं सूख जाने और हैंडपंपों के जवाब दे देने से पानी का संकट बढ़ गया है। इसे देखते हुए छुट्टी पर अपने गांव लौटे एक हेड कांस्टेबल ने अपने खर्च से गांव में टैंकर लगवाकर ग्रामीणों को पानी मुहैया कराने का अनूठा प्रयास किया है। टैंकर आने से ग्रामीणों में काफी उत्साह है।

गौरतलब है कि ग्राम लमौरा में 33 हैंडपंपों में से करीब 5 हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं। शेष हैंडपंप ठूंठ बने हैं। जिससे पानी को लेकर हायतौबा मच गई हैं। ललितपुर में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात जाहर सिंह अपने गांव लमौरा छुट्टी पर आए। उन्होंने पानी की मारामारी को देखते हुए तत्काल अपने पास से एक टैंकर और ड्राइवर लगाकर गांव में पानी पहुंचाना शुरू कर दिया।

हेड कांस्टेबल का कहना है कि प्यासे को पानी पिलाने से ज्यादा कोई पुण्य नहीं है। मैं जब तक यहां रहूंगा लोगों को निजी खर्च से पानी मुहैया करवाता रहूंगा। सूखा कि मार झेल रहा लमौरा गांव के लोगों का यह मर्ज नया नहीं है। अब हालात यह है कि अनुसूचित बस्ती के अलावा गांव के अनेक कुएं सूख गए हैं और अधिकतर हैंडपंपों को रीबोर की दरकार है।

पांच हैंडपंप पानी भी दे रहे तो उनमें सुबह से शाम भारी भीड़ लगी रहती है। लोगों को गांव से बाहर लगी प्लास्टिक की टंकी से पानी बाइक, साइकिल में डिब्बे लादकर कर काफी दूर से लाना पड़ता है। लमौरा गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जल संकट से आजिज आकर ग्रामीणों ने जैतपुर खंड विकास अधिकारी प्रशांत कुमार को प्रार्थना पत्र देकर गुहार भी लगाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि अभी मानसून आने में समय है जब तक हैंडपंपो का रीबोर करा दिया जाए या टैंकर से पानी सप्लाई की जाए ताकि यहां के लोगों को कुछ राहत मिल सके। लेकिन प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

 

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